शॉर्ट टर्म टेंडर के 5 माह पूरे होेने के बाद भी नहीं लगी मशीन, सबसे कम दर भरने वाली फर्म को नहीं जारी हो रहे…

भास्कर न्यूज | बाड़मेर जिला अस्पताल में पिछले 16 माह से सीटी स्कैन मशीन नहीं है। टेंडर होने के 15 दिन बाद भी वर्क ऑर्डर जारी नहीं किए जा रहे हैं। ऐसा पहली बार हुआ है जब अस्पताल प्रशासन की 5 सदस्यीय कमेटी की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद फाइल को वर्क ऑर्डर की अप्रूवल के लिए जिला कलेक्टर के पास भेजा गया है। कमेटी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में दूसरी बार फाइल भेजी। कलेक्ट्रेट में टेंडर प्रक्रिया में कमी बताते हुए वर्क ऑर्डर रोकने का कहने से इसके दुबारा रद्द होने की संभावना है। टेंडर अपलोड करने के दौरान रखी शर्तों में शिथिलताएं बरती गई है। मशीन की गुणवत्ता को कम करते हुए इसे लगाने की समयावधि भी 20 के स्थान पर 30 दिन की है। टेंडर में 7 फर्मों ने भाग लिया। इसमें तकनीकी बीड में 4 फर्मों को योग्य घोषित किया। 31 दिसंबर को वित्तीय निविदा खोली। 3 जनवरी को दस्तावेज जांच के बाद 44.50 प्रतिशत सबसे कम दर भरने वाली मैसर्स मंगलम हॉस्पिटल को वर्क ऑर्डर जारी करने थे, यह अब तक नहीं किए हैं। पीपीपी मोड पर संचालित मशीन का टेंडर जुलाई 2024 को पूरा हो गया। अस्पताल प्रबंधन ने अनुबंध पूरा होने से एक साल पहले राजमेस में फाइल भेजी। 21 अगस्त 2025 को अनुबंध पूरा होने के बाद से सीटी स्कैन जांच बंद है। 82 दिन बाद राजमेस की नींद खुली और अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाने की अनुमति दी। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सीटी स्कैन के लिए पहला टेंडर 28 नवंबर को अपलोड किया। टेंडर में एक ही फर्म आई। टेंडर में शर्त 64 स्लाइस मशीन की थी, लेकिन संबंधित फर्म ने 16 स्लाइस मशीन के दस्तावेज देने पर टेंडर निरस्त किया। दुबारा 17 दिसंबर को टेंंडर हुए। 24 दिसंबर को संशोधित परिपत्र जारी कर फर्मों के दस्तावेज पूरे करवाए। मशीन की गुणवत्ता कम की और मशीन लगाने की अवधि 10 दिन बढ़ाई। 31 दिसंबर को निविदा खुली। 3 जनवरी को सभी फर्मों के दस्तावेज जांच हुए, लेकिन अब तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया। जिला परिषद की बैठक में भी मुद्दा गर्माया। प्रभारी मंत्री ने वादा किया कि एक माह में अस्पताल में मशीन लगेगी, लेकिन कोई सुध नहीं ली। 50 से 60 प्रतिदिन जांचें होने पर 32 स्लाइस से अधिक की मशीन होनी चाहिए। 128 मशीन की क्षमता अच्छी है, लेकिन लागत अधिक है। पहले 16 स्लाइस बेसिक के साथ 96 स्लाइस तक आईवीआर रिफोर्मेशन से सीटी स्कैन जांच की गुणवत्ता बढ़ती है। इमेज स्मूथ होती है। इससे हाथ-पैर की नॉर्मल एंजियोग्राफी भी हो सकती थी। सीटी स्कैन टाइम 300 सेकंड से 30 सेकंड करने पर मरीज की पूरी बॉडी को मशीन कवर नहीं कर पाएगी। स्कैन टाइम अधिक होने पर एक साथ सिर, गले, फेफड़ों सहित अंगों की सीटी एक साथ होती, लेकिन 30 सेकंड होने पर रुक-रुक कर स्कैन करना होगा। बाड़मेर. जिला अस्पताल में बंद सीटी स्कैन सेंटर। ^टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद फाइल कलेक्ट्रेट भेजी है। जल्दी वर्क ऑर्डर होने की संभावना है। अवकाश होेने के कारण वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो पाए। दो बार फाइल भेजी गई है। आज अवकाश था, फाइल प्रोसेस में है। इस मामले में अभी कुछ नहीं कह पाऊंगा। – डॉ. हनुमानराम चौधरी, अधीक्षक, जिला अस्पताल। टेंडर में 7 फर्मों ने लिया भाग लिया था। केदार सीटी एंड एमआरआई, बाड़मेर सीटी एंड इमेजिंग, नोबल क्योर हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड, मंगलम हॉस्पिटल को तकनीकी बिड में योग्य घोषित किया। टेंडर में मंगलम हॉस्पिटल ने आरजीएचएस से 44.5 प्रतिशत कम रेट भरी। नोबल क्योर हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड ने 42 प्रतिशत कम रेट भरी। एल वन व एल टू फर्म आमने-सामने हो गई। एल वन के पास जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं है लेकिन स्टांप दिया है। वहीं एल टू के पास बायोमेडिकल वेस्ट का रजिस्ट्रेशन स्वयं का न होकर अनुबंधित फर्म का दिया गया है। फर्म को शामिल करने के लिए कमेटी ने मशीन की गुणवत्ता को कम किया। -डॉ. भजनलाल, रेडियोलॉजिस्ट

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