बड़वानी जिले में अब सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के माता-पिता को जन्म प्रमाण पत्र के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कलेक्टर जयति सिंह की पहल पर ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत यह नई व्यवस्था शुरू की गई है। इसके अनुसार अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले ही बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। पहले होती थी परेशानी, अब मिलेगी राहत अब तक बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर पालिका या पंचायत जाना पड़ता था। कई बार इस प्रक्रिया में देरी और परेशानी होती थी। नई व्यवस्था से यह समस्या खत्म हो जाएगी और एक ही जगह पर सारी प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। अस्पताल में ही पूरी होगी प्रक्रिया कलेक्टर जयति सिंह ने बताया कि बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल में ही सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसमें जन्म प्रमाण पत्र के साथ समग्र आईडी, आधार के लिए आवेदन और बैंक खाता खुलवाने की सुविधा भी शामिल रहेगी। यदि नवजात बालिका है, तो उसे सुकन्या समृद्धि योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना से भी जोड़ा जाएगा। छुट्टी से पहले मिलेगा प्रमाण पत्र इस व्यवस्था के तहत अस्पतालों में ही जन्म और मृत्यु पंजीयन के लिए रजिस्ट्रार की व्यवस्था की गई है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मां को अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से सौंप दिया जाए। ‘संकल्प से समाधान’ अभियान की जानकारी दी ‘संकल्प से समाधान’ अभियान का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। इस अभियान के तहत 106 सरकारी सेवाओं से जुड़े आवेदन लिए जाएंगे और उनका समय पर निपटारा किया जाएगा। अभियान तीन चरणों में 31 मार्च तक चलेगा। तीन चरणों में होगा काम घर-घर जाकर लिए जाएंगे आवेदन अभियान के तहत अधिकारी और कर्मचारी सीधे घर-घर जाकर आवेदन लेंगे और उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करेंगे। साथ ही लोगों को यह भी बताया जाएगा कि किस योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं। आम लोगों के लिए होगी बड़ी सुविधा सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा प्रसव होते हैं, ऐसे में यह व्यवस्था आम लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। जन्म प्रमाण पत्र मिलने से आगे चलकर स्कूल में दाखिला, आधार, पासपोर्ट, वोटर आईडी और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। इस नई व्यवस्था से लोगों का समय बचेगा और उन्हें सरकारी कामों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।


