डीडवाना में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम शेरानी आबाद और रामसाबास के सैकड़ों ग्रामीणों ने मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे जाने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया गया है। प्रदर्शनकारी जिला कलेक्टर के कक्ष में जबरन प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद ग्रामीण जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और जिला कलेक्टर व एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निर्वाचन अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव में आकर एक समुदाय विशेष के लोगों को निशाना बनाया है। ग्राम पंचायत शेरानी आबाद के सरपंच शेर मोहम्मद ने जिला कलेक्टर को बताया कि गांव में लगभग 1800 मतदाताओं के नाम काटने के लिए फर्जी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। सरपंच ने यह भी बताया कि जिन लोगों के नाम से आपत्तियां लगाई गई हैं, उनमें से कई विदेश में रहते हैं या निरक्षर हैं। नियमों के अनुसार एक व्यक्ति अधिकतम 50 आपत्तियां दर्ज करा सकता है, लेकिन शेरानी आबाद में एक ही व्यक्ति के नाम से 500 से अधिक आपत्तियां दर्ज होना पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है। इस दौरान डीडवाना विधायक यूनुस खान के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत से मुलाकात की। विधायक यूनुस खान ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और फर्जी आपत्तियां दर्ज कराने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतदान हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और साजिश के तहत लोगों को इस अधिकार से वंचित करना अस्वीकार्य है। जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने ग्रामीणों को पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।


