खर्चों पर कंट्रोल:मंत्री-अफसरों के लिए नई गाड़ियां, फर्नीचर और एसी खरीदी पर 31 मार्च तक लगी रोक

लाड़ली बहना, कर्मचारियों के वेतन-भत्ते और पेंशन के भुगतान पर हो रहे बड़े खर्चों की वजह से सरकार ने इस साल 31 मार्च तक मंत्रियों और अफसरों के लिए नई गाड़ियों की खरीदी, कार्यालयों में एसी लगवाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्नीचर खरीदी पर रोक लगा दी है। विभागों में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान इसके लिए बजट आवंटित नहीं किया जाए। सरकार ने अपने खर्चे को कम करने व प्रदेश की वित्तीय स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया है। सरकार के बड़े खर्चों में लाड़ली बहना योजना पर हर महीने 1800 करोड़ रुपए खर्च करना पड़ रहा है। इसके अलावा वेतन और पेंशन पर हर महीने 5 हजार करोड़ रुपए का खर्च आ रहा है। यदि अन्य खर्चे जोड़े जाएं तो सरकार का हर महीने का खर्च लगभग 10 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच रहा है। इस वजह से आगामी बजट तक खरीदी पर रोक लगाई गई है। इस साल बजट की प्रक्रिया जीरो बेस्ड प्रणाली पर निर्देश में कहा गया है कि आगामी 16 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है। इसी दौरान आम बजट के साथ चालू वित्तीय वर्ष का थर्ड सप्लीमेंट्री बजट भी लाया जाएगा। इसमें नई गाड़ियों समेत अन्य खरीदी के प्रस्ताव विभागों के द्वारा न भेजें जाएं । साथ ही तत्काल प्रभाव से खरीदी पर रोक लगाएं और इस राशि को सप्लीमेंट्री बजट में समाहित न करवाया जाए। राज्य सरकार ने इस साल बजट निर्माण की प्रक्रिया जीरो बेस्ड बजट प्रणाली के आधार पर की है। इसमें वास्तविक (एक्चुल) खर्चों के अनुसार ही जीरो बेस्ड बजट सभी मदों की समीक्षा के बाद तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही आगामी बजट रोलिंग बजट तैयार किया जा रहा है, जिसमें आगामी तीन सालों 2026-27, 2027-2028 और 2028-2029 का बजट तैयार किया जा रहा है। लक्ष्य 2030 तक बजट को दोगुना करना: राज्य सरकार का लक्ष्य 2030 तक बजट को दोगुना करना है यानी अभी बजट 4 लाख 21 हजार करोड़ का है, जो 2030 तक 8 लाख 42 हजार करोड़ रुपए का होगा। थर्ड सप्लीमेंट्री के लिए… 23 तक ऑनलाइन मांगे प्रस्ताव थर्ड सप्लीमेंट्री के लिए विभागों से केवल तय मापदंडों के अनुरूप प्रस्ताव मांगे गए हैं, अनुपूरक बजट में शामिल किए जाने के लिए प्रस्ताव 23 जनवरी तक ऑनलाइन मांगे गए हैं। यह प्रस्ताव प्रशासकीय विभाग के अनुमोदन से भेजे जाएंगे। प्रस्ताव में योजना का सेगमेंट कोड और नाम लिखना होगा। इन पर नहीं रहेगी रोक

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