भास्कर न्यूज|कोडरमा दहेज के लिए पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी पति को कठोर सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने एसटी-135/2023 मामले में आरोपी मोनू कुमार (पिता- रामचंद्र राम, निवासी- महेशपुर, डोमचांच, जिला- कोडरमा) को धारा 304बी आईपीसी के तहत दोषी पाते हुए 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दहेज के लिए पत्नी की हत्या में पति को 15 साल की सजाआरोपी पर ₹20,000 का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में आरोपी को 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने न्यायालय में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा और कुल 10 गवाहों का परीक्षण कराया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने न्यायालय से आरोपी को अधिकतम सजा देने का आग्रह किया। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता तरुण कुमार मोनिका ने बचाव में दलीलें पेश कीं। अदालत ने सभी गवाहों एवं प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। मामला 17 सितंबर 2023 का है। इस संबंध में मृतका की मां आशा देवी ने डोमचांच थाना में कांड संख्या 121/2023 दर्ज कराया था। आवेदन में उन्होंने बताया था कि घटना के दिन दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच उनकी पुत्री दुर्गा कुमारी ने फोन कर कहा था— “मुझे बचा लो”। इसके कुछ ही देर बाद सूचना मिली कि उनकी पुत्री की गला दबाकर हत्या कर दी गई है।आशा देवी ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री की हत्या पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलकर एक मोटरसाइकिल (करीब ₹1 लाख) की मांग को लेकर की। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर दुर्गा कुमारी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी। मृतका की मां ने यह भी बताया कि शादी के समय उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार ₹4,25,000 नकद, सोने की अंगूठी, चेन, कंगन, पायल, गोदरेज, अलमीरा, दीवान, वॉशिंग मशीन सहित अन्य घरेलू सामान दिए थे। इसके बावजूद आरोपी और उसके परिवार की दहेज की मांग खत्म नहीं हुई।


