धौलपुर। शेरगढ़ किला स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में महंत द्वारिका दास महाराज के सानिध्य में रामसनेही दास जी महाराज की बरसी के उपलक्ष्य में रविवार को भंडारे का आयोजन किया गया। हनुमान जी की पूजा-अर्चना के बाद भगवान का भोग लगाकर भंडारा प्रारंभ हुआ। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। मुख्य अतिथि रानी के गुरु मंदिर के महंत संत पागल बाबा ने कहा कि बड़े भाग्य मानस तनु पावा सुर नर मुनि सब ग्रंथन गावा अर्थात मनुष्य का जन्म 84 लाख यौनकी बाद मानव योनि का जन्म मिलता है। इसलिए इस जन्म को पानी की तरह नहीं बहाना चाहिए प्रत्येक दिन कम से कम 24 मिनट भगवान को भी याद करना चाहिए । सुसंग ही जीवन का सबसे बड़ा सुख है और कुसुम जीवन का सबसे बड़ा दुख है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में सुसंग ही करना चाहिए। इस मौके पर मंदिर सचिव नंद किशोर शास्त्री, नारायन लाल शर्मा, बद्री प्रसाद शर्मा, ईश्वरी प्रसाद शर्मा, सुखदेव कांकोलिया, राम प्रकाश शास्त्री, पुजारी सोनू पंडित, फक्कड़ बाबा वृंदावन बिहारी लाल, राकेश गुर्जर, विक्की बाबा छोटू दास, विजय दास, महेश दास, अरुन, राजू राना, रामनिवास राना आदि मौजूद रहे।


