विलुप्त प्रजाति का कछुआ : 8 माह बाद शिवनाथ नदी में छोड़ा

प्रशासनिक रिपोर्टर| दुर्ग वन विभाग ने 8 माह की जांच के बाद विलुप्त प्रजाति के कछुए को दोबारा शिवनाथ नदी में छोड़ दिया है। अप्रैल 2025 में टाकम गांव स्थित डोंगा घाट पर ​कछुआ ग्रामीणों ने देखा था। इसके बाद वन विभाग ने कछुए को बरामद कर रायपुर के जंगल सफारी भेज दिया था। जब कछुआ बरामद किया गया था तब उसका वजन करीब 50 किलो था। उसके ​ि‍वशालकाय शरीर से पता चला है कि वह दुर्लभ प्रजाति का है। अफसरों के मुताबिक कछुआ एनशिएंट जायंट्स सॉफ्ट शैल टर्टल प्रजाति का है। ये बहुत दुर्लभ और बड़े आकार के होते हैं। इस प्रजाति के कछुए को शंघाई सॉफ्टशेल कछुए के नाम से भी जाना जाता है। डीएफओ दीपेश कपिल ने बताया कि साजा इलाके में कछुए को दोबारा शिवनाथ नदी में छोड़ा गया है। ऐसे कछुओं की मलेशिया, बांग्लादेश, बर्मा, वियतनाम जैसे देशों में तस्करी होती है। इनकी इंटरनेशनल मार्केट में बहुत मांग है। ऐसे कछुओं का इस्तेमाल कथित तौर पर जादू-टोना के लिए किया जाता है। इसके नाखून की मांग ज्यादा रहती है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *