बिलासपुर| छत्तीसगढ़ी राजभाषा परिषद द्वारा संस्कार भवन, पुराना सरकंडा में सम्मान समारोह, विचार-विमर्श व काव्य गोष्ठी कराई गई। मुख्य अतिथि राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार काशीराम साहू ने की। विशिष्ट अतिथि अंजनी तिवारी, विष्णु तिवारी, डॉ. मंतराम यादव व डॉ. राघवेन्द्र कुमार दुबे रहे। शुभारंभ यागिनी तिवारी द्वारा सरस्वती वंदना व राम निहोरा राजपूत द्वारा छत्तीसगढ़ी वंदना की प्रस्तुति से हुआ। परिषद के अध्यक्ष डॉ. विवेक तिवारी ने छत्तीसगढ़ी राजभाषा परिषद के उद्देश्यों, गतिविधियों एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। मुख्य अतिथि डॉ. पाठक ने कहा कि वसंत ऋतु अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पूर्णता के कारण नवजीवन का संदेश देती है, इसी कारण इसे ऋतुराज कहा गया है। साहित्यकार काशीराम साहू ने छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कवि व कवयित्रियों को सम्मानित किया गया।


