भास्कर एक्सक्लूिसव पीएचसी चीराचास का भवन 12 वर्ष पहले करीब 15 किमी दूर बहादुरपुर के वीराने में बना दिया गया था। अब 2025 में चीराचास के वीराने में पुन: पीएचसी भवन का निर्माण करा दिया गया है। यहां चारों तरफ किसी भी तरह के आवागमन की सुविधा नहीं है। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री भानु प्रताप शाही की मद से 12 वर्ष 85 लाख रुपए की लागत से चीराचास में बनने वाला पीएचसी भवन सोनाबाद पंचायत के बहादुरपुर में बना दिया गया था। अब एक और पीएचसी भवन चीराचास से लगभग एक किमी दूर वीराने में 1.45 करोड़ रुपए की लागत से 15वें वित्तीय मद से जिला परिषद की ओर से निर्माण कराया गया है। इस नए पीएचसी से चीराचास के लगभग 15 हजार आबादी लाभान्वित होती, पर नए पीएचसी भवन तक पहुंच पथ ही नहीं है। पक्की सड़क नहीं होने के कारण पीएचसी चालू होने के बाद भारी समस्या हो सकती है। क्योंकि इससे एंबुलेंस आवाजाही में भारी परेशानी हो सकती है। कहा जाए तो बिना सड़क के ही भवन का निर्माण करा दिया गया है। ऐसे में फिर से आशंका जाहिर की जा रही है कि बहादुरपुर में बने पीएचसी भवन की तरह यह भी कहीं बेकार ना हो जाए। सड़क के अभाव में अस्पताल चालू होने में लगा पेंच चीराचास में जहां नए पीएचसी भवन का निर्माण हुआ है। वह स्थान पूरी तरह से वीरान है। रात तो दूर दिन में भी लोगों की आवाजाही नहीं होती है। यहां की बड़ी समस्या सड़क है। सड़क नहीं होने के कारण मरीजों को आने-जाने में काफी समस्या होगी। अब सवाल उठता है कि लगभग डेढ़ करोड़ खर्च करने के बाद क्या यह फिर से खंडहर में ही तब्दील होगा या फिर यहां पर लाखों रुपए खर्च कर संपर्क पथ का निर्माण होगा? अब सड़क बनने में लगभग 4 से 5 महीने लग सकते हैं। ऐसे में इस पीएचसी के चालू होने में पुन: पेंच लग गया है, जिससे यहां के मरीजों को अभी और इंतजार करना होगा। वर्तमान में चीराचास पीएचसी लगभग 8 वर्षों से पंचायत भवन के दो कमरों में चल रहा है। एक कमरे में सभी मरीजों की इलाज होती है। वहीं दूसरे कमरे में जांच और दवाएं देने का कार्य होता है। महिला मरीजों की जांच में परेशानी होती है। ऐसे सीएचसी चास रेफर करना पड़ता है। चीराचास की करीब 15 हजार आबादी की समस्याओं को ध्यान में रखकर इसका निर्माण कराया गया। वर्तमान में पंचायत भवन चल रहा में चीराचास पीएचसी विभाग ने निर्माण करवाया, सलाह भी नहीं ली : प्रभारी चीराचास पीएचसी का भवन।


