सब्जियों की कीमतें दोगुनी होने से बिगड़ रहा रसोई का जायका

सिटी एंकर बोकारो में सर्दी के मौसम के बावजूद हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। आमतौर पर इस समय सब्जियां सस्ती हो जाती हैं, लेकिन इस बार हालात इसके उलट है। टमाटर, फूलगोभी, मटर, भिंडी और हरी मिर्च जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के बढ़े दामों ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। किसानों के अनुसार, सितंबर-अक्टूबर तक हुई लगातार व भारी बारिश से खेतों में अत्यधिक नमी बनी रही, जिससे कई फसलें खराब हो गईं। इसके बाद अचानक बढ़ी ठंड और पाले ने बची हुई फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। जोखिम को देखते हुए किसानों ने भी इस बार कम मात्रा में सब्जियों की खेती की, जिसका सीधा असर बाजार की आपूर्ति पर पड़ा। इसके कारण जनवरी महीने में ही सब्जी मंहगी हो गई है। किसानों का कहना है कि पाला लगने की वजह से टमाटर, फूलगोभी और मटर की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। पिछले साल जनवरी में 10 से 20 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर इस बार 40 से 50 रुपए किलो तक पहुंच गया है। वहीं फूलगोभी जो पहले 20 से 25 रुपए किलो मिल जाती थी, अब 50 से 60 रुपए किलो बिक रही है। मटर और बंदागोभी भी सामान्य से महंगी बनी हुई हैं। बाजार में सब्जियों के दाम (प्रति किलो) मटर : 40-50 फूलगोभी : 50-60 ब्रोकली : 60-65 बंदगोभी : 40-45 टमाटर : 40-50 पालक : 20-30 फ्रेंचबीन : 40-50 मूली : 20-30 भिंडी : 80-100 कद्दू : 30-40 हरी मिर्च : 100-150 शिमला मिर्च : 80-90 आलू : 14-20 प्याज : 30-35 गाजर : 30-40 धनिया : 50-60 सिम : 40-60 मटर : 50-60 देर से रोपाई के कारण नहीं आई सब्जियां दुंदीबाद बाजार के थोक सब्जी विक्रेता प्रभु साव ने बताया कि ठंड और पाला लगने की वजह से फसल को बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बना। सितंबर-अक्टूबर की बारिश के कारण टमाटर और फूलगोभी की रोपाई समय पर नहीं हो सकी। विजय साहू ने बताया कि करीब 15 दिनों में नई फसल बाजार में आएगी, जिससे सब्जियों की कीमतों में कुछ कमी आने की उम्मीद है। फरवरी के पहले सप्ताह से दाम घटने की संभावना है। वह भी तब जब बोकारो में सब्जियों की आवक बढ़ेगी, वरना इस साल बोकारो वासी महंगाई की मार खाने को विवश होंगे। दुंदीबाद बाजार में लगे सब्जी की दुकान। 15 दिनों में आवक बढ़ेगी तो मिल सकती है राहत

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