सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अरावली पर्वतमाला की अंधाधुंध कटाई को लेकर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की कि रोक के बावजूद अवैध खनन और पहाड़ों से छेड़छाड़ जारी है। इससे ऐसे हालात बन सकते हैं, जिन्हें भविष्य में सुधारा नहीं जा सकेगा। अदालत ने राजस्थान सरकार से गारंटी ली कि अरावली क्षेत्र में किसी भी तरह का खनन नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। राजस्थान की मॉडल हिल पॉलिसी के प्रावधानों की आड़ में उदयपुर जिले और इससे सटे राजसमंद क्षेत्र में अरावली की पहाड़ियों को काटकर धड़ल्ले से निर्माण किए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि शहर से सटे राजस्व ग्राम कैलाशपुरी में तालाब के चारों ओर पहाड़ियों को काटकर बहुमंजिला होटल-रिसॉर्ट, विलाज बनाए जा रहे हैं। यही स्थिति कैलाशपुरी से नाथद्वारा मार्ग स्थित टोल प्लाजा तक हाईवे के दोनों ओर पहाड़ों की चोटियों पर भी है। कैलाशपुरी क्षेत्र में निर्माणों की स्वीकृतियां पंचायत, तहसील और उपखंड स्तर से ली गई हैं। जबकि 2025 में राजस्व ग्राम कैलाशपुरी यूडीए में शामिल हो चुका है। इसके बाद यहां यूडीए के नियम और नई हिल पॉलिसी लागू होना अनिवार्य है। पॉलिसी के तहत 15 डिग्री से अधिक ढलान वाले पहाड़ों को न काटा जा सकता है और न ही वहां निर्माण की अनुमति है। यूडीए में शामिल होने के बाद भी नियमों की अनदेखी उदयपुर–नाथद्वारा हाईवे पर वैष्णो देवी मंदिर के समीप स्थित मोरिंगा वैली में भी 15 डिग्री से अधिक ढलान वाली पहाड़ियों को काटकर विलाज बनाए जा रहे हैं। पुराने और कमजोर नियमों का सहारा लेकर यहां 150 से ज्यादा विलाज खड़े किए जा चुके हैं और कई अभी निर्माणाधीन हैं। इसके ठीक सामने मुख्य सड़क के दूसरी ओर भी विलाज का पूरा बाजार खड़ा किया जा रहा है। एक पहाड़ी की चोटी पर तो आलीशान बहुमंजिला भवन तक बना दिया गया है। “जो राजस्व ग्राम यूडीए में शामिल हो चुके हैं, वहां सभी निर्माण कार्य नई हिल पॉलिसी और यूडीए के नए नियमों के अनुसार ही होंगे। 15 डिग्री से अधिक ढलान वाले पहाड़ों पर निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि आवासीय स्वीकृति के आधार पर बने विलाज में होटल जैसी व्यावसायिक गतिविधि पाई गई तो सीज की कार्रवाई करेंगे।”
-नमित मेहता, कलेक्टर, उदयपुर “उदयपुर से सटी सीमा सहित पूरे राजसमंद जिले में पहाड़ों की कटाई रोकने के लिए विशेष निगरानी दल गठित किया गया है। अरावली को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और अवैध गतिविधियों को सीज भी किया जाएगा।”
-अरुण कुमार हसीजा, कलेक्टर, राजसमंद


