स्पा संचालक को रुपए नहीं देने पर कार्रवाई की धमकी देने वाले एडिशनल एसपी पर गृह विभाग ने बुधवार को बड़ा एक्शन लिया है। बिलासपुर के तत्कालीन एएसपी राजेंद्र जायसवाल को सस्पेंड कर दिया है। आदेश गृह विभाग के अवर सचिव ने जारी किया है। दैनिक भास्कर ने 20 जनवरी को “एएसपी ने कहा- तुमको काम नहीं करना है क्या? सिस्टम मानो, वर्ना रेड करा दूंगा, लेनदेन का आरोप… शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित की थी। खबर में पीड़ित स्पा संचालक लोकेश सेन और तात्कालीन एएसपी के पक्ष भी लिया गया था। स्पा संचालक ने एएसपी पर 30 हजार रुपए महीना लेने का आरोप लगाया था। रुपए नहीं पहुंचने पर जबरदस्ती कार्रवाई कराते हुए उनके भाई व कर्मचारी को 151 के तहत जेल भेजने की बात कही थी। वही एडिशनल एसपी ने अपना पक्ष रखते हुए नियम अनुरूप चलाने की बात कहते समय मुंह से सिस्टम शब्द निकलने की जानकारी दी थी। इधर, स्पा संचालक की शिकायत व वीडियो वायरल होने के बाद आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले में जांच के निर्देश दिए थे। एसएसपी ने दोनों पक्षों का बयान दर्ज कर अंतरिम जांच रिपोर्ट आईजी भेजी थी। उसी जांच रिपोर्ट के आधार पर पीएचक्यू ने एएसपी पर निलंबन की कार्रवाई की है। जानिए… जारी आदेश में अवर सचिव ने क्या लिखा
गृह मंत्रालय से बुधवार को जारी आदेश में लिखा है कि तत्कालीन एडिशनल एसपी सिटी बिलासपुर राजेंद्र जायसवाल द्वारा स्पा चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली, मासिक धनराशि न देने पर नुकसान पहुंचाने संबंधी शिकायत विभाग की छवि धूमिल करने वाली है। वायरल वीडियो क्लिप और स्पा संचालक के बयान से गंभीर कदाचरण व भ्रष्टाचार के संबंध में प्राप्त शिकायत सिविल सेवा नियम के विपरीत है। इसलिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम -9 के अंतर्गत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय पीएचक्यू नवा रायपुर अटल नगर रहेगा। उन्हें सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।


