पीबीएम हॉस्पिटल में पीडब्ल्यूडी की चौकी शुरू हो गई है। अब रिपेयर और मेंटेनेंस के काम साल के 365 दिन चलेंगे। प्लंबर, कारपेंटर और राज मिस्त्री हर समय उपलब्ध रहेंगे। हॉस्पिटल में डॉक्टर के पुराने आवास को तैयार कर उसमें पीडब्ल्यूडी की चौकी स्थापित कर दी गई है। एईएन, जेईएन सहित विभाग के कर्मचारी वहां कार्यालय समय मौजूद रहेंगे। इसके अलावा प्लंबर, कारपेंटर और राज मिस्त्री भी रहेंगे। हॉस्पिटल परिसर के किसी भी भवन में नल-पाइप लाइन खराब होने, फर्नीचर टूटने और दीवार आदि की मरम्मत को लेकर शिकायत आने पर श्रमिकों को वहां भेजा जाएगा। मामूली मरम्मत के कार्यों के लिए इस साल के लिए पीडब्ल्यूडी ने दो करोड़ रुपए मांगे हैं, जिसमें से 50 लाख रुपए विभाग के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। शेष डेढ़ करोड़ रुपए किश्तों में दिए जाएंगे। दरअसल, पीबीएम के पास भी मेंटेनेंस का बजट नहीं है। इसके लिए बीएसएफ़सी में प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से एक मुश्त दो करोड़ की स्वीकृति आने पर बजट की समस्या नहीं रहेगी। इसके अलावा राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी में भी इस बार मेंटेनेंस कार्यों के लिए बजट का प्रस्ताव रखा जाएगा। भास्कर इनसाइट- एसएमएस हॉस्पिटल में प्लास्टर गिरने के 8 महीने बाद शुरू हुई चौकी जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में मई 2025 में छत का प्लास्टर गिरने से दो मरीज घायल हो गए थे। उसके बाद सरकार गंभीर हुई और सभी संभाग मुख्यालयों के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में पीडब्ल्यूडी की चौकी खोलने के निर्देश जारी किए। “पीडब्ल्यूडी की चौकी तैयार हो गई है। अब चौकी में स्थाई रूप से स्टाफ के बैठने की सुविधा है। सभी यूनिट हेड्स और नर्सिंग सुपरवाइजरों को कहा गया है कि रिपेयर, मेंटेनेंस संबंधी समस्या के लिए सीधे चौकी पर संपर्क करें। चौकी में एक इंटरकॉम रख उसे ईपीबीएक्स से जोड़ दिया गया है।” -डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल पीबीएम में कई जगह से झड़ रहा है प्लास्टर, फॉल्स सीलिंग पीबीएम हॉस्पिटल की रियासतकालीन बिल्डिंग में दीवारों से प्लास्टर उखड़ रहा है। जनाना विंग और पीडिया में फाल्स सीलिंग गिर चुकी है। पुरानी बिल्डिंग होने के कारण छतों पर पानी रुकता है, जिससे सभी वार्डों में सीलन आई हुई है। फर्स्ट फ्लोर पर गायनी, पोस्ट कोविड आईसीयू, जनाना वार्डों के टॉयलेट से पानी रिसता है, जिससे ग्राउंड फ्लोर की छत कई जगह से खराब हो चुकी है। मेडिसिन कैजुअल्टी की फाल्स सीलिंग पूरी उखड़ी पड़ी है। पीडब्ल्यूडी की चौकी खुलने के बाद यह कार्य रूटीन में होंगे। ठेके पर रखे जाएंगे कुशल श्रमिक पीबीएम हॉस्पिटल में रिपेयर एवं मेंटेनेंस के कार्यों के लिए कुशल श्रमिक ठेके पर रखे जाएंगे। इसके टेंडर कर दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी ने एक-एक प्लंबर, कारपेंटर और राज मिस्त्री मांगा है। बिजली का मैकेनिक पीबीएम के ईएमडी विभाग से लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या में बढ़ाई जा सकेगी। समस्या का पूरा विवरण लिखा जाएगा। समस्या का निदान होने के बाद उसे भी तारीख सहित दर्ज किया जाएगा।


