उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की अध्यक्षता में गुरुवार को पर्यटन भवन में पर्यटन व कला एवं संस्कृति विभाग के लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ भी माैजूद रही। दीया कुमारी ने फोन ऐप, आमेर मास्टर प्लान, पुरालेखों का डिजिटलीकरण, मीडिया बाईन्ग, प्रताप टूरिस्ट सर्किट, पुष्कर कोरिडोर, जेकेके टेंडर, रविन्द्र रंगमंच रिनोवेशन, RTICE बोर्ड, माइस सेंटर के लिए भूमि आवंटन, अल्बर्ट हॉल टेंडर आदि प्रोजेक्ट्स पर प्रगति की जानकारी ली और इन कार्यों को टाइम लाइन्स के आधार पर त्वरित गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। धीमी गति से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर अधिकारियों को फटकार लगाई और जल्द कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। दीया कुमारी ने शेखावाटी की हवेलियों के संरक्षण के संबंध में प्रगति की जानकारी ली और मंडावा को विरासत संरक्षण के मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य की बावड़ियों के संरक्षण के लिए भी समग्र कार्य योजना बनाकर कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की अध्यक्षता में यूडीएच एवं एलएसजी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में होटल इण्डस्ट्री के प्रतिनिधियों से होटल इण्डस्ट्री को सुविधाएं दिए जाने और उनको आने वाली समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में होटल इण्डस्ट्री को भूमि आवंटन और नई होटल यूनिट स्थापित करने, उन्हें लाईसेंस दिए जाने, फायर एनओसी दिए जाने और अन्य सरकारी प्रक्रिया में आसानी से अनुमति मिल सकेगी तो वे राज्य पर्यटन विकास में अपना योगदान बेहतर रूप में दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए सिंगल विंडों क्लिरियंस को प्राथमिकता देनी होगी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में बावड़ियों के संरक्षण के लिए बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी कई बावड़ियों पर पहले से ही संरक्षण के काम किये जा रहे हैं। जिनमें से कुछ काम हो भी चुके हैं। बावड़ियों के संरक्षण के लिए हम उन सब कार्यों का एक पूरा डॉक्युमेंटेशन तैयार कर रहे हैं। जिसके आधार पर राज्य में आगे और कौन-कौन सी बावड़ियों का संरक्षण किया जा सकता है इसके लिए भी कार्य योजना बनाकर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांडुलिपियां, मैन्युस्क्रिप्ट्स हैं जो हमारी विरासत है उन पर काम चल रहें हैं, उसके बारे में भी चर्चा हुई हैं और आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।


