शिक्षा विभाग:206 सरकारी स्कूलों के लिए तैयार कराया प्रश्न बैंक ताकि 10वीं और 12वीं बोर्ड का रिजल्ट बेहतर बने

सरकारी स्कूलों की सिर्फ बिल्डिंग ही आधुनिक नहीं होगी, बल्कि वहां पढ़ रहे बच्चों का रिजल्ट प्रतिशत भी साल दर साल बढ़ेगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने प्रश्न बैंक फार्मूला अपनाया है। जिले के 206 सरकारी हायर सेकंडरी व हाईस्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का 10वीं व 12वीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम बेहतर बनाया जा सके, इसके लिए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद लेकर इंपोर्टेंट प्रश्नों की एक प्रश्न बैंक तैयार कराई गई है। बच्चे इसी से बोर्ड परीक्षा की तैयारी करेंगे। शिक्षा विभाग प्रश्न बैंक पर वैसे तो दो साल से काम कर रहा है व प्रश्न बैंक से बच्चों के रिजल्ट में सुधार होने लगा, जिसके बाद इस शिक्षा सत्र से इसे प्रभावी रूप से लागू किया गया है। जिले के सभी हाईस्कूल व हायर सेकंडरी में हिंदी, गणित व अंग्रेजी, विज्ञान के विषय के शिक्षकों की टीम बनाकर उन्हीं से प्रश्न पत्र बनवाया, फिर इसे विषय विशेषज्ञों की एक्सपर्ट टीम ने समेकित कर प्रश्न बैंक तैयार किया। शिक्षा विभाग हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में इसी प्रश्न बैंक से विद्यार्थियों को फाइनल बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराएगा। तैयारी के साथ बच्चों को देंगे टिप्स‎ छह माही परीक्षा के रिजल्ट के आधार पर अब 10वीं व 12वीं बोर्ड से टॉप 100-100 बच्चों को छांटा जाएगा। जो बच्चे कमजोर है, उनका ग्रुप भी बनाएंगे। इसके बाद बोर्ड परीक्षा के सभी छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट स्कूल शास्त्रीनगर पर बुलाकर बारी-बारी से टिप्स दिए जाएंगे कि उन्हें क्या ध्यान रखने की जरूरत है। प्रश्न बैंक तैयार करने वाले शिक्षकों का मानना है कि कई बार बच्चे अच्छा लिखकर भी आते हैं लेकिन छोटी-छोटी गलतियों से उनका प्रतिशत कम हो जाता है। बच्चों को यही समझाएंगे कि परीक्षा के दौरान वे कहा गलती, हड़बड़ी कर रहे हैं। उदाहरण देकर बताया जाएगा कि किस तरह उनके नंबर कट हो रहे हैं। कुल मिलाकर जो बच्चे 85, 90 प्रतिशत तक नंबर ला रहे हैं, वे 100 भी ला सकते हैं। परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास ^सरकारी स्कूल में बोर्ड परीक्षा के लिए प्रश्न बैंक प्रत्येक विषय के शिक्षकों की मदद से तैयार कराई गई है। इसके पीछे उद्देश्य एकमात्र यही है कि 10वीं व 12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम का प्रतिशत बढ़े। इसके हिसाब से तैयारी कराएंगे। इसी दिशा में यह एक प्रयास है। – आनंद शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *