इंदौरी एनआरआई फोरम की वार्षिक मीट 16 व 17 दिसंबर को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगी। दो दिनी कार्यक्रम में 18 देशों के 150 से ज्यादा एनआरआई आएंगे। देश में निवेश के अवसर, संस्कृति और वैश्विक सहयोग के अवसर होंगे। यह तीसरा साल है। दो साल पहले महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में इसे शुरू किया गया था। आयोजन 42 से ज्यादा देशों के एनआरआई को साथ लाने का माध्यम बन चुका है। आयोजन में फोरम की सालभर की उपलब्धियों को बताया जाएगा। निवेश के अवसरों पर बात की जाएगी। एनआरआई को इंदौर की परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने के प्रयासों पर चर्चा होगी। पिछली बार मकर संक्रांति के दौरान पतंगबाजी उत्सव मनाया गया था। रंगपंचमी के दौरान उन्हें इंदौर की प्रसिद्ध “गेर’ में शामिल होने का अनूठा अवसर मिला। फोरम पर्यावरणीय पहल में भी सक्रिय है। इस साल यह मीट भारत में निवेश के अवसरों पर आधारित होगी। देश के विकास में उनकी भूमिका पर बात की जाएगी। विदेशों में मौजूद श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा किया जाएगा और यह बताया जाएगा कि इंदौर में इन्हें कैसे लागू किया जा सकता है। इन देशों से आएंगे NRI
दुबई, यूएसए, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चाइना, साइप्रस, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, कुवैत, नीदरलैंड, स्वीडन आदि देशों से एनआरआई शामिल होंगे। यह कार्यक्रम होंगे
17 दिसंबर को उत्सव की शुरुआत एलबीडब्ल्यू टर्फ एनआरआई क्रिकेट मैच से होगी। शाम को राजबाड़ा में सांस्कृतिक मिलन कार्यक्रम होगा। समापन गोपाल मंदिर में एक विशेष इंदौरी प्रसाद के साथ होगा। यह मीट एक यादगार उत्सव साबित होगी
एनआरआई फोरम सिर्फ वार्षिक मीट नहीं है। यह इंदौर और इसके वैश्विक परिवार के बीच मजबूत संबंध का उत्सव है। यह मंच उन्हें उनके शहर के विकास में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है। तीसरी इंदौरी एनआरआई मीट एक यादगार उत्सव साबित होगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर


