चार दिनों पूर्व पुणे से गिरफ्तार किए गए सट्टा किंग दीप सिन्हा पर पुलिस का शिकंजा कसने लगा है। पुलिस ने पूछताछ के लिए दीप सिन्हा को दो दिनों की रिमांड पर लिया था। गुरुवार को पुलिस दीप सिन्हा को लेकर उसके घर पहुंची। उसके बंद घर का ताला तुड़वाकर पुलिस ने नगदी एवं जमीनों के दस्तावेज जब्त किए हैं। उसके बेनामी संपत्ति की भी तलाश की जा रही है। छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में सट्टा का संचालन करने वाले मुख्य सटोरिये दीप सिन्हा को सरगुजा पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ करीब 300 म्यूल अकाउंट का संचालन करने एवं करोड़ों रुपए के लेनदेन का आरोप है। दीप सिन्हा करीब पौने दो सालों से फरार था। वह लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा का संचालन कर रहा था। सट्टा मुख्य रूप से आईपीएल के मैचों में लगाया जाता था। पुलिस ने जब्त किया नगदी एवं दस्तावेज
पुलिस ने दीप सिन्हा की दो दिनों की रिमांड ली थी। दीप सिन्हा को लेकर कोतवाली पुलिस गुरुवार को उसके सत्तीपारा स्थित घर में पहुंची। उसके परिजन घर में ताला लगाकर गायब हैं। पुलिस ने घर का ताला तोड़वाया एवं घर की तलाशी ली। घर से कुछ नगदी एवं जमीनों के दस्तावेज जब्त किए गए हैं। कोतवाली पुलिस ने फिलहाल यह सार्वजनिक नहीं किया है कि दीप सिन्हा के घर से क्या-क्या मिला हैै। आशंका है कि उसके द्वारा पहले ही दस्तावेज एवं नगदी घर से हटा दिया गया था। दीप सिन्हा द्वारा करोड़ों रुपए की संपत्ति स्वयं एवं परिजनों के नाम ली गई है। इसके साथ ही बेनामी संपत्ति भी बनाई गई है। पुलिस ने राजस्व विभाग से संपत्तियों को ब्योरा भी मांगा है। पुलिस ने दीप सिन्हा को कोर्ट में पेश कर दो दिनों की अतिरिक्त रिमांड भी मांगी है। सहयोग करने वाले रिश्तेदार व अन्य गिरफ्तार
कोतवाली पुलिस ने दीप सिन्हा की गिरफ्तारी के बाद उसके वॉट्सऐप चैट एवं लेन-देन की जांच की। जांच में पता चला कि उसके फरारी के दौरान दीप सिन्हा को उसके साले संतोष कश्यप ने दो बार 50-50 हजार एवं 17 नवंबर 2025 को दो लाख 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। मोंटी सोनी ने भी उसे आर्थिक मदद की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 249 बी का अपराध दर्ज दोनों को गिरफ्तार किया है।


