पूरे मध्य प्रदेश को सर्दी ने जकड़ रखा है। न्यूनतम पारा रोज नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे ने बताया कि सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में कड़ाके की ठंड की संभावना है। मंगलवार से थोड़ी राहत मिल सकती है। सर्दी यहीं नहीं रुकने वाली। क्रिसमस (25 दिसंबर) से प्रदेश में सर्दी का पीक शुरू होगा। विंड चिल फैक्टर (हवा में ज्यादा ठंडक) के कारण 31 जनवरी तक कड़ाके की सर्दी का दौर पड़ेगा। सर्दी के अंत तक इस पूरे सीजन में कड़ाके की सर्दी वाले दिनों की संख्या 45 तक हो सकती है। इसकी शुरुआत नवंबर से ही हो गई थी। नवंबर में 36 साल बाद ऐसी कड़ाके की सर्दी पड़ी थी। मौसम केंद्र के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. वेद प्रकाश सिंह के अनुसार, इसकी खास वजह जेट स्ट्रीम है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 200 से 234 किमी प्रति घंटे है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है।


