भास्कर न्यूज |चतरा जनवरी माह, जो आमतौर पर कड़ाके की ठंड के लिए जाना जाता है, इस बार असामान्य गर्मी के संकेत देने लगा है। जिले में जनवरी के तीसरे सप्ताह में ही अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। दिन के समय हल्की गर्मी का एहसास होने लगा है, जबकि सुबह और शाम की ठंड भी धीरे-धीरे कमजोर पड़ती जा रही है।मौसम में आए इस बदलाव को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। पिछले सालों में इस महीने में अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कमजोर रहने और उत्तरी हवाओं की कमी के कारण तापमान में यह बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जलवायु परिवर्तन का असर भी अब साफ नजर आने लगा है, जिसका परिणाम है कि सर्दियों का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। अचानक बढ़ती गर्मी का असर कृषि पर भी पड़ सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एसके दुबे ने बताया कि तापमान में असंतुलन से रबी फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। कुल मिलाकर, जनवरी में ही गर्मी के इस तेवर ने आने वाले समय को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम का यही रुख रहा, तो इस साल गर्मी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। मौसम विभाग रांची के सेवानिवृत्त मौसम विशेषज्ञ डॉ. अब्दुल वदूद ने बताया कि जनवरी में 27 डिग्री सेल्सियस का तापमान सामान्य से काफी अधिक है। यह संकेत देता है कि आने वाले महीनों में गर्मी जल्दी शुरू होगी और इसका असर अधिक तीव्र हो सकता है। फरवरी और मार्च में ही लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि चार – पांच दिनों के अंदर एक बार फिर ठंड लौटेगी, जो अत्यधिक होगी।


