आरयूएचएस और कैंसर हॉस्पिटल के मरीजों को अब सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांच कराने 14 किमी दूर एसएमएस नहीं जाना पड़ेगा। आरयूएचएस में जल्द सीटी स्कैन के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी की मशीन लगेगी। वहीं, पहली बार हॉस्पिटल ने 1.5 टेस्ला की एमआरआई मशीन लगाने की भी तैयारी कर ली है। दोनों मशीनों के लिए वर्कऑर्डर दे दिया है। 3 महीने में दोनों जांचें शुरू हो जाएंगी। गौरतलब है कि भास्कर ने खबर प्रकाशित कर मामला उठाया था। जिसमें बताया था कि मरीज 14 किमी दूर जाकर एसएमएस में सीटी स्कैन कराते हैं, वहीं आरयूएचएस में एमआरआई आजतक शुरू नहीं हुई थी और सीटी स्कैन मशीन भी 3 महीने से बंद पड़ी है। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई की है। आरयूएचएस में रोजाना करीब 25 सीटी स्कैन होती थी। आरयूएचएस में 16 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन लगी थी, जिसका टेंडर पिछले साल खत्म हो गया। इसके बाद 3 महीने से जांच नहीं होने की वजह से मरीज परेशान हो रहे थे। अब 128 स्लाइस की मशीन लगेगी। टेक्नोलॉजी अपडेट हाेने से मरीजों को बेहतर रिपोर्ट मिलेगी। हाई रेजोल्यूशन इमेज मिलेगी, गुणवत्ता बढेगी, समय भी कम लगेगा। कैंसर हॉस्पिटल में एबीजी मशीन लगेगी आरयूएचएस के पास स्टेट कैंसर हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की एबीजी जांच नहीं हो रही है। इसको लेकर हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. संदीप जसूजा का कहना है कि एबीजी जांच के लिए मशीन के टेंडर प्रक्रिया में है। वहीं, कैंसर हॉस्पिटल में भी सीटी स्कैन, एमआरआई के लिए प्रपोजल भेज दिए गए हैं। “नई टेक्नोलॉजी की सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के लिए ऑर्डर कर दिए हैं। पहले हॉस्पिटल में 16 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन थी। अब 128 स्लाइस की लगाई जाएगी। जिससे मरीजों की हाई रेजोल्यूशन इमेज से माइनर डिटेल्स भी देख पाएंगे।” – डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, अधीक्षक आरयूएचएस हॉस्पिटल


