अमृतसर | अकाली दल वारिस पंजाब दे के प्रमुख सेवादार व सांसद अमृतपाल सिंह के पिता बापू तरसेम सिंह ने 1984 सिख नरसंहार के आरोपी को बरी करने का फैसला पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। इस फैसले से जहां सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, वहीं इसने पूरे सिख समुदाय की आत्मा को भी झंकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि 1984 के दौरान हजारों निर्दोष सिख परिवार बर्बाद हो गए थे, लेकिन चार दशक बीत जाने के बाद भी भारतीय न्यायपालिका दोषियों को सजा दिलाने में विफल रही है। जिसके कारण न्याय के नाम पर यह फैसला गंभीर सवाल खड़े करता है और यह दिन भारतीय न्याय व्यवस्था के इतिहास में काले दिन के रूप में लिखा जाएगा।


