दिन भर इंतजार, अब पोलिंग पर बीएलओ नहीं बैठेंगे, 40 हजार फॉर्म जमा, पेंडेंसी 50 फीसदी

वोटर लिस्ट: 1 माह चला पुनरीक्षण, अब 2 दिन वोटर-डे की तैयारी वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के काम के लिए बीएलओ अब पोलिंग बूथ पर नहीं बैठेंगे। एक महीने चले पुनरीक्षण के स्पेशल अभियान का औपचारिक समापन गुरुवार को हो गया। अफसरों को उम्मीद है कि फॉर्म कम आएं हैं इसलिए तारीक अभी और बढ़ेगी, इसके​ लिए दिन भर इंतजार भी चलता रहा। वहीं गुरुवार को अधिकतर बीएलओ को मैसेज भेजे गए कि वे अगले दो दिन नए वोटरों के नाम जोडने के लिए घर-घर जाएं। इन्हें वोटर-डे के कार्यक्रम में आने का आमंत्रण भी दें। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक एक महीने के अभियान के दौरान कुल 40 हजार 762 फॉर्म जमा हुए हैं। इनमें सर्वाधिक अर्थात लगभग 25 फीसदी 11 हजार 57 फॉर्म ग्वालियर पूर्व में जमा हुए हैं। नए नाम जुड़वाने के लिए इस दौरान 25 हजार 631 फॉर्म जमा हुए। अब बात यदि निराकरण की करें तो कुल 19 हजार 658 फॉर्म पेंडिंग हैं। इनके निराकरण में वक्त लगेगा। एसआईआर का काम देख रहे अधिकारियों ने कहा कि नए नाम ज्यादा से ज्यादा जोड़ने के मौखिक निर्देश हैं। इसलिए लग रहा था कि अभी तारीख कुछ दिन और बढ़नी चाहिए। वहीं इस मामले में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया ने कहा कि रात तक ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। अब सक्रिय हुए संगठन, आपत्तियां भी लगाईं नो मैपिंग नोटिस की सुनवाई के दौरान आपत्तियां लगाने के मामले अब बढ़ गए हैं। यह काम कुछ हिंदू संगठन कर रहे हैं। इसी आधार पर एईआरओ द्वारा बीएलओ को नोटिस भेजकर कार्रवाई के लिए भी कहा जा रहा है। गुरुवार को ही ऐसे 80 से ज्यादा नोटिस बीएलओ तक पहुंचे। मौखिक निर्देश हैं कि वे उक्त आपत्ति के आधार पर ही फॉर्म-7 भरकर संबंधित वोटर के नाम हटा दें।

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