भास्कर न्यूज | लुधियाना विदेश में बेहतर नौकरी का सपना दिखाकर पंजाब के युवाओं को फंसाने का एक और मामला सामने आया है। इस केस का सीधा कनेक्शन लुधियाना से जुड़ता है। मोगा निवासी 41 वर्षीय राकेश कुमार को थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर अवैध तरीके से म्यांमार भेज दिया गया। वहां उससे जबरन अमानवीय हालात में काम कराया गया। राकेश पहले लुधियाना के एक कैंसर अस्पताल में नर्स के तौर पर काम कर चुका है। बेहतर भविष्य की तलाश में वह विदेश जाना चाहता था। इसी दौरान उसके मोहल्ले की एक महिला ने उसे ग्लोरी मसीह नाम की महिला से मिलवाया। ग्लोरी ने खुद को थाईलैंड में काम करने वाली बताया। उसने 65 हजार रुपये महीने की ट्रेडिंग जॉब दिलाने का भरोसा दिया। आरोपी ने कहा कि बैंकॉक तक का खर्च राकेश को उठाना होगा। 8 अगस्त को राकेश अमृतसर से बैंकॉक पहुंचा। वहां से टैक्सी उसे जंगल और नदी के पास ले गई। इसके बाद डंकी रूट से उसे म्यांमार भेज दिया गया। म्यांमार पहुंचते ही हथियारबंद लोगों ने उसे जबरन काम पर लगा दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। भारत लौटने के बदले 5 लाख रुपये मांगे गए। पीड़ित से अमेरिका में रह रहे दक्षिण एशियाई लोगों से ऑनलाइन चैट करवाई जाती थी। वादा 32 हजार रुपये सैलरी का था, लेकिन सिर्फ 15 हजार रुपये मिले। करीब दो महीने बाद 22 अक्टूबर 2025 को थाई आर्मी ने छापेमारी कर पीड़ितों को छुड़ाया। 6 नवंबर को राकेश भारत लौटा। मोगा साइबर क्राइम पुलिस ने ग्लोरी मसीह के खिलाफ मानव तस्करी, धोखाधड़ी और जबरन श्रम की धाराओं में केस दर्ज किया है।


