लुधियाना | पंजाब की औद्योगिक राजधानी में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर उद्योग जगत परेशान है। फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गेनाइजेशंस (फिको) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शहर के नए एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस रुपिंदर सिंह से मुलाकात कर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग रखते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सुरक्षा पुख्ता नहीं होगी, तब तक औद्योगिक विकास की रफ्तार पर गंभीर असर रहेगा। फिको प्रतिनिधिमंडल ने फोकल पॉइंट्स के प्रत्येक फेज में पुलिस हॉल्ट पॉइंट्स स्थापित करने का सुझाव रखते हुए हर महीने वेतन और एडवांस के दिनों—7 से 10 तथा 22 से 25 तारीख के बीच पीसीआर गश्त और पुलिस मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ग्यासपुरा, ढंडारी और शेरपुर क्षेत्रों को अत्यधिक संवेदनशील हैं। औद्योगिक क्षेत्रों ए, बी, सी, इंडस्ट्रियल एस्टेट और फोकल पॉइंट फेज़-1 से 8 तक लूट, छीना-झपटी और चोरी की घटनाओं में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। प्रवासी मजदूर अपराधियों के सॉफ्ट टारगेट बनते जा रहे हैं। इंडस्ट्री की सुरक्षा प्राथमिकता:एसीपी फिको चेयरमैन के.के. सेठ की अगुवाई में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में यूसीपीएमए के चेयरमैन जतिंदर मित्तल, फिको प्रेसिडेंट गुरमीत सिंह कुलार, यूसीपीएमए प्रेसिडेंट हरसिमरजीत सिंह ‘लकी’, विश्वकर्मा फाउंडेशन इंटरनेशनल के प्रेसिडेंट एवं यूसीपीएमए कन्वीनर अवतार सिंह भोगल, प्लाइवुड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रघुबीर सिंह सोहल, पाइप एंड सैनिटरी ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन गुरविंदर सिंह सचदेवा तथा यूसीपीएमए के चीफ एडवाइजर राजिंदर नारंग शामिल रहे। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस रूपिंदर सिंह ने उद्योगपतियों की बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि लुधियाना की इंडस्ट्री की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रहेगी।


