हाईकोर्ट के आदेशानुसार प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेजों की राज्य कोटे की 50% पीजी सीट के संबंध में राजपत्र में संशोधन कर दिया गया है। नई अधिसूचना के अनुसार अब प्रदेश में 50% ऑल इंडिया कोटे और बाकी 50 फीसदी नीट पीजी कोटे की सीट मेरिट के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य कोटे की होगी। यानि पहले की तरह ही बाकी 50 फीसदी सीटों पर छत्तीसगढ़ से पढ़े छात्रों को ही एडमिशन दिया जाएगा। इस अधिसूचना के बाद अब जिन छात्रों ने अभी तक एडमिशन लिया है, उनका प्रवेश रद्द हो जाएगा। अब फिर से पीजी सीटों पर काउंसिलिंग शुरू होगी। काउंसिलिंग और प्रवेश प्रक्रिया महीनेभर में पूरी होगी। मेडिकल कॉलेजों में पीजी की कुल 235 सीटें भर चुकी हैं। इनमें रायपुर मेडिकल कॉलेज में 54 छात्रों ने प्रवेश लिया है। राज्य सरकार ने 1 दिसंबर 2025 को नोटिफिकेशन जारी कर पीजी प्रवेश नियम में संशोधन किया था। इसके तहत राज्य कोटे की 50 फीसदी सीटों को दो भागों में बांटा गया था। 25% सीटें केवल छत्तीसगढ़ से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए, बाकी 25% सीटें बाहरी राज्यों से एमबीबीएस किए छात्रों के लिए “ओपन” कर दिया गया था। जबकि शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पहले से ही 50% सीटें अखिल भारतीय कोटे को दी जाती हैं। इस बदलाव से छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पढ़े छात्रों में भारी असंतोष फैल गया, क्योंकि उन्हें लगने लगा कि उनकी सीटें बाहरी अभ्यर्थियों के लिए खोली जा रही हैं। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। बीते हफ्ते ही हाईकोर्ट ने इस पर स्पष्टीकरण जारी किया। अब राज्य सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर दी है। 235 छात्रों के साथ ही अब कॉलेज स्टाफ की बढ़ी परेशानी
अभी तक प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पीजी की कुल 235 सीटें भर चुकी हैं। इनमें रायपुर मेडिकल कॉलेज में 54 छात्रों ने प्रवेश लिया है। इन सभी की परेशानी अब बढ़ गई है। अब फिर से इन्हें काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होना पड़ेगा। उन्हें अब अपने सारे दस्तावेज और अपनी फीस वापस लेनी होगी। कई छात्रों ने डिपार्टमेंट में काम भी शुरू कर दिया था, उन्हें अब वापस जाना पड़ेगा। इसके साथ ही अब कॉलेज स्टाफ की भी परेशानी बढ़ गई है। सभी छात्रों के पैसे और दस्तावेज वापसी के लिए उन्हें मेहनत करनी पड़ेगी। 566 सीटों में 216 निजी कॉलेज की
प्रदेश में पीजी की कुल 566 सीटें हैं जिनमें 186 सीटें निजी कॉलेजों में हैं। इनमें राज्य कोटा की 350 और ऑल इंडिया कोटा की 216 सीटें हैं। रायपुर के नेहरू मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा मेडिकल कॉलेज की 146 सीटों में 74 राज्य कोटे और 72 ऑल इंडिया कोटे की हैं। बिलासपुर में 89 सीटें हैं। इसमें 42 राज्य और 47 ऑल इंडिया कोटे की हैं। जगदलपुर में कुल 28 सीटें, 15 राज्य और 13 ऑल इंडिया। राजनांदगांव में 18 सीटें हैं। दोनों कोटे में 9-9 सीटें बंटी हैं। अंबिकापुर में 46 सीटों में 23-23 का बंटवारा है। रायगढ़ की 40 सीटों में 20 राज्य कोटे और 20 ऑल इंडिया कोटे की हैं। कोरबा की 13 सीटों में 7 राज्य और 6 ऑल इंडिया कोटे की हैं। निजी कॉलेजों में भिलाई की 57 सीटों में 49 राज्य और 8 अन्य कोटे की हैं। रायपुर के दो निजी मेडिकल कॉलेज में क्रमशः 63 सीटें (54 राज्य, 9 अन्य) और 66 सीटें (57 राज्य, 9 अन्य) उपलब्ध हैं। लेकिन विवाद अभी भी जारी (निजी की अन्य सीटें एनआरआई और मैनेजमेंट कोटा की हैं। राज्य की सीटें अब आधी हो जाएंगी।) बदलाव की जरूरत
अभी जो अधिसूचना जारी की गई है वो छात्रों के हित में है, लेकिन इसमें अभी भी संशोधन की जरूरत है। क्योंकि प्राइवेट कॉलेजों की सीटों को भी आधा कर दिया गया है, जबकि पहले 100 फीसदी सीटें राज्य कोटे की होती थीं। एम्स के छात्रों को भी प्रवेश के लिए पात्र किया गया है, जबकि ये ना तो बॉन्ड राशि देते हैं और ना ही दूर दराज जाकर सेवाएं। इनमें सुधार होना चाहिए।
-डॉ. हीरा सिंह लोधी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ डाक्टर्स फेडरेशन


