राजसमंद जिले के रेलमगरा थाना क्षेत्र में ट्रक से तार टूटने की बात को लेकर ट्रक चालक और स्विफ्ट कार में सवार तीन युवकों के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद हुई मारपीट में एक युवक की मौत हो गई। घटना के विरोध में शुक्रवार को रेलमगरा अस्पताल के बाहर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना-प्रदर्शन के दौरान परिजनों व ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा तथा नौकरी देने की मांग रखी। दिनभर समझाइश का दौर चलता रहा, जिसके बाद शाम 6 बजे पुलिस प्रशासन और मृतक के परिजनों के बीच सहमति बनी। सहमति के बाद मृतक की बहन ने 8 जनों के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए मृतक का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद शाम को अंतिम संस्कार किया गया। मामले में कुछ लोगों को डिटेन भी किया है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे चौकड़ी गांव में स्विफ्ट कार में सवार तीन युवकों और एक ट्रक चालक के बीच ट्रक से तार टूटने की बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान स्विफ्ट कार में सवार महेंद्र कुमार भील और पवन सिंह के साथ चौकड़ी गांव के कुछ लोग भी भिड़ गए। इस दौरान महेंद्र कुमार भील गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर घायल पवन सिंह को इलाज के लिए आरके अस्पताल रेफर किया गया है। कार में सवार तीसरा युवक सुनील रंगास्वामी मौके से फरार हो गया था। आश्वासन के बाद बनी सहमति
धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और मृतक के परिजनों के बीच आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने, निष्पक्ष कार्रवाई, परिवार कल्याण बोर्ड से आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक आश्रित को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद मृतक की बहन मीनाक्षी ने रिपोर्ट दी, जिस पर प्रकरण दर्ज कर शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। मौके पर डीएसपी शिप्रा राजावत, रेलमगरा थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता मौजूद रहा। मृतक महेंद्र कुमार की बहन मीनाक्षी ने प्रेम सिंह, लक्ष्मण सिंह, संग्राम सिंह, विजेंद्रपाल सिंह, कालू सिंह, रमेश, माधु, शंकर सिंह सहित 5 से 7 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।


