अबुआ आवास के लाभुक अब खुद कर सकेंगे जियो टैग, 7 दिन में स्थल निरीक्षण

अबुआ आवास योजना में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बड़ी पहली की है। उनके कड़े निर्देश के बाद विभागीय सचिव एवं मनरेगा आयुक्त ने राज्य के सभी डीसी सह प्रधानमंत्री आवास योजना के नोडल पदाधिकारियों को कई तरह बिंदुओं पर निर्देश दिया है। साथ ही, उनका कड़ाई के साथ पालन करने को कहा है। मनरेगा आयुक्त ने अपने निर्देश में कहा है कि ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से अबुआ आवास योजना का लेकर एक ऐप तैयार किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए इस ऐप के माध्यम से अबुआ आवास योजना के लाभुक अपने निर्माणाधीन आवास का जियो टैग खुद कर सकेंगे। ऐप को गूगल प्ले स्टोर या अबुआ आवास योजना के पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप इंस्टॉल करने के दौरान लाभुक के मोबाइल पर आेटीपी आएगा। इसके लिए लाभुकों को अपना मोबाइल नंबर प्रखंड लॉगिन में अपडेट करना अनिवार्य होगा। लाभुक द्वारा किए गए जियो टैग का पंचायत सेवक सात दिन के भीतर स्थल सत्यापन करेंगे। पंचायत सेवक जियो टैग को कारण सहित अप्रूव या रिजेक्ट कर सकते हैं। इस ऐप से आवास निर्माण में तेजी लाने और किस्त की राशि समय पर भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में भी मदद मिलेगी। 90% लाभुकों को आवास स्वीकृत, निर्माण कार्य शुरू अबुआ आवास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में 6.50 लाख लाभुकों को आवास स्वीकृति देने का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 5,84,522 यानी 90% लाभुकों को आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। स्वीकृत लाभुकों द्वारा आवास निर्माण का कार्य जारी है। यह भी है निर्देश योजना के लाभुकों के मोबाइल नंबर को प्रखंड लॉगिन से अपडेट किया जाए। जियो टैग ऐप से संबंधित रिपोर्ट की साप्ताहिक समीक्षा प्रखंड और जिला स्तर पर की जाए। प्रखंड विकास पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त इस प्रतिवेदन की समीक्षा खुद करेंगे। स्वीकृत लाभुकों के साथ ग्राम संगठन के सदस्य 15 दिनों में बैठक करेंगे। लाभुकों को किस्तों में राशि भुगतान के निर्देश लाभुकों को 2 लाख की सहयोग राशि 4 किस्तों में दी जाएगी। योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने व पारदर्शिता बनाने के लिए पंचायत और गांव स्तर पर ग्राम संगठन की मदद ली जाएगी। लाभुकों को किस्तों के भुगतान में अनुशासन और एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक पंचायत में लाभुकों को चार-चार के समूह में बांटा जाएगा। लंबित किस्तों का भुगतान हर महीने के किसी एक सप्ताह के बुधवार को किया जाएगा। चार समूहों में से हर समूह को महीने के चार बुधवार में से किसी एक बुधवार को भुगतान मिलेगा। निर्धारित बुधवार को पंचायत सचिव, पंचायत के ग्राम संगठन, प्रखंड समन्वयक और लाभुक किसी नामित पंचायत भवन में जमा होंगे। लाभुकों के साथ ग्राम संगठन 15 दिनों में बैठक करेंगे योजना के क्रियान्वयन में प्रगति लाने के लिए जेएसपीएल द्वारा संचालित ग्राम संगठनों की मदद ली जाएगी। ग्रामवार स्वीकृत लाभुकों के साथ ग्राम संगठन 15 दिनों में बैठक करेंगे। बैठक में पंचायत सचिव अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। लाभुकों को समय पर आवास निर्माण पूरा करने में सहायता दी जाएगी। सभी स्वीकृत लाभुकों को ग्राम संगठनों के साथ टैग किया जाएगा।

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