छत्तीसगढ़ के धमतरी में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए अंतिम रिहर्सल का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। समारोह में 14 प्लाटूनों ने मार्च पास्ट किया और हर्ष फायर भी किया गया। इस साल पहली बार जिले में आत्मसमर्पण करने वाले 9 नक्सली भी गणतंत्र दिवस समारोह के साक्षी बनेंगे। एकलव्य खेल मैदान में होगा कार्यक्रम 26 जनवरी को होने वाले मुख्य समारोह की तैयारियों को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से यह रिहर्सल शहर के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित किया गया था। सीईओ गजेंद्र सिंह ठाकुर ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अंतिम रिहर्सल के दौरान जिला पुलिस बल, नगर सैनिक, एनसीसी, स्काउट-गाइड और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों ने अनुशासित एवं प्रभावशाली परेड प्रस्तुत की। जवानों की सटीक कदमताल, मार्च-पास्ट और सलामी अभ्यास ने पूरे मैदान को अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के वातावरण से भर दिया। परेड के प्रत्येक चरण का अभ्यास निर्धारित समय और क्रम के अनुसार संपन्न कराया गया। सरेंडर नक्सली भी होंगे शामिल कलेक्टर ने आयोजन से जुड़े सभी विभागों, सुरक्षा बलों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार 11 विभागों की झांकियां निकाली जाएंगी, जिनके माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। एसपी सूरज सिंह परिहार ने जानकारी दी कि इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में आत्मसमर्पित नक्सलियों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये नक्सली अब भारत के प्रजातांत्रिक और गणराज्य मूल्यों में स्थापित हो चुके हैं और उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह का साक्षी बनाया जाएगा। रिहर्सल कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शासकीय और निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें देशभक्ति गीत, समूह नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल थीं। इन रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि यह हमारे संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन, देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।


