डबवाली पुलिस ने लगभग 11 करोड़ रुपए कीमत की 2.95 लाख नशीली गोलियों के मामले में दो मुख्य सप्लायरों को अमृतसर और बठिंडा, पंजाब से गिरफ्तार किया है। अमृतसर से मुख्य सप्लायर जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी, निवासी मलोट (पंजाब) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 15 लाख रुपए कीमत का बिस्कुट नुमा सोना और 2 लाख की ड्रग मनी बरामद हुई। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। इसी मामले में, पुलिस ने दूसरे आरोपी मोहम्मद मुसाफिर अंसारी, निवासी कुशीनगर (उत्तर प्रदेश), जो वर्तमान में मॉडल टाउन बठिंडा (पंजाब) में रहता है, को बठिंडा से गिरफ्तार किया। उसे भी कोर्ट में पेशकर 4 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। आर्टिगा कार से बरामद हुई थी नशीली गोलियां सीआईए स्टाफ डबवाली प्रभारी सब इंस्पेक्टर राजपाल ने बताया कि इस मामले की शुरुआत 20 दिसंबर 2025 को हुई थी। एक सूचना के आधार पर खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर एक अर्टिगा कार को रोका गया। तलाशी के दौरान, कार में रखे गत्ते के 6 कार्टूनों से 590 डिब्बे बरामद हुए, जिनमें कुल 2 लाख 95 हजार प्रतिबंधित नशीली गोलियां थीं। मौके पर ही कार चालक कुलदीप उर्फ काला, निवासी खोखर, थाना बरीवाला, जिला श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) को गिरफ्तार कर थाना सदर डबवाली में मामला दर्ज किया गया था। पंजाब के मलोट में होनी थी सप्लाई पुलिस पूछताछ में कुलदीप उर्फ काला ने खुलासा किया कि वह नशीली गोलियां मलोट, पंजाब ले जा रहा था और जसविंदर उर्फ जस्सी उसकी गाड़ी को पायलट कर रहा था। दोनों मोहम्मद मुसाफिर अंसारी के साथ मिलकर पंजाब में इन गोलियों की सप्लाई करने वाले थे। जांच में सामने आया है कि ये तीनों आरोपी पिछले करीब चार साल से नशा तस्करी में शामिल थे। वे गुजरात से फर्जी बिलों और अलग-अलग नामों से नशीली गोलियां मंगवाते थे। फिर, दिल्ली में एक फर्जी फार्मा कंपनी के नाम से बने गोदाम में स्टॉक करके उन्हें पंजाब में सप्लाई करते थे। नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड लिया गया है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, सप्लाई चैन, खरीदारों, परिवहन साधनों और ड्रग मनी के स्रोतों का खुलासा किया जा सके।डबवाली पुलिस ने साफ किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


