कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। एक महिला ने बड़वारा पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसके साथ हुए दुष्कर्म के प्रयास की घटना को पुलिस ने मामूली मारपीट बताकर रफा-दफा कर दिया। न्याय न मिलने से परेशान पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई है। पीड़िता ने एसपी कार्यालय में सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया कि यह घटना 8 जनवरी की है। वह अपने खेत से काम खत्म कर घर लौट रही थी, तभी विलायत खुर्द ग्राम निवासी नीलम गाडरी ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि आरोपी ने गलत नीयत से महिला को पकड़ लिया और उसे खींचते हुए सुनसान इलाके की ओर ले जाने लगा। महिला के शोर मचाने पर जब ग्रामीण वहां जमा होने लगे, तो आरोपी उसे छोड़कर मौके से फरार हो गया। पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपनी आपबीती सुनाने और रिपोर्ट दर्ज कराने बड़वारा थाना पहुंची, तो आरोपी नीलम गाडरी पहले से ही पुलिस थाने में मौजूद था। महिला का कहना है कि उसने पुलिस को पूरी घटना विस्तार से बताई, लेकिन पुलिस ने उसकी बात अनसुनी कर दी। पुलिस ने पीड़िता के बताए अनुसार गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने के बजाय महज एनसीआर (नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट) काटकर उसे घर भेज दिया। महिला ने शिकायत में यह भी बताया कि पुलिस की इस ढिलाई के कारण आरोपी के हौसले बुलंद हो गए हैं। वह अब पीड़िता और उसके परिवार को धमका रहा है। आरोपी द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। एसपी कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने महिला का आवेदन स्वीकार कर लिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।


