टेक्सटाइल सिटी की कॉलोनियों में पाइपलाइन से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई शुरू हो चुकी है। शहर के घर-घर में पीएनजी आपूर्ति की सुविधा मिलने लगी है। इसके तहत रसोई गैस को सिलेंडर के बजाय पाइप लाइन के माध्यम से कनेक्शन लिए हुए लोगों के घरों की किचन तक पहुंच रही है। पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस रेग्युलेटरी बोर्ड ने भीलवाड़ा में प्राकृतिक गैस का के वितरण का काम अडाणी ग्रुप को दिया है। शहर में अब तक 8 हजार घरों में पीएनजी के कनेक्शन दिए जा चुके है। इसके साथ ही 2026 में 7500 कनेक्शन देने का लक्ष्य लिया हुआ है। इसके लिए शहर में अब तक 200 किलोमीटर तक की पाइप लाइन डाली जा चुकी है। शहर की तीन कॉलोनी आरसी व्यास, आरके कॉलोनी व विजय सिंह पथिक नगर के पूरे क्षेत्र में लाइन डाली जा चुकी है। वहीं आजाद नगर, बापू नगर, न्यू बापू नगर, पटेल नगर क्षेत्र में 70 से 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है। वहीं सुभाष नगर, शास्त्री नगर, तिलक नगर, वैभव नगर में अब तक 50 प्रतिशत क्षेत्र में कार्य हो चुका है आैर जहां पर लाइन डाली जा चुकी है कनेक्शन भी दिए जा रहे है। चंद्रशेखर आजाद नगर व गायत्री नगर में अभी तक कलेक्शन देने की शुरुआत नहीं हुई है। कॉर्मशियल व इंडस्ट्रीज को भी दे रहे कनेक्शन शहर में घरों तक गैस सप्लाई के साथ ही कॉर्मशियल व इंडस्ट्रीज को भी गैस के कनेक्शन दिए जा रहे है। अबतक कॉर्मशियल के 20 व इंडस्ट्रीज में 20 कनेक्शन दिए जा चुके है। कोटा से भीलवाड़ा के कांदा गांव तक 180 किमी लाइन बिछाई है। कांदा में टर्मिनल बनाया है, जहां से भीलवाड़ा के उद्योगों को भी गैस सप्लाई हो रही है। कांदा से पाइपलाइन आगे चित्तौडग़ढ़ के चंदेरिया तक जा रही है। चंदेरिया में हिंदुस्तान जिंक तक गैस पाइप लाइन डाल रखी है। कम्पनी ने अब तक 250 करोड़ का निवेश कर चुकी है। जबकि अगले कुछ सालों में 2 हजार करोड़ रुपए व्यय करेगी। 99% गैस जल जाने से प्रदूषण नहीं होता पीएनजी से कई फायदे हैं। यह नेचुरल गैस होती है, हवा से भी हल्की होने के कारण लीकेज होने के मामले में वातावरण में आसानी से घुल जाती है। इस्तेमाल करते समय 99 प्रतिशत गैस जल जाती है, इसलिए प्रदूषण नहीं होता है। पीएनजी में पाइपलाइन बिछाते समय घर के बाहर एक मीटर लगा दिया जाता है, इससे खपत देखकर उपभोक्ता खुद ही पेमेंट कर देता है। एक घर में लगी पीएनजी 2 महीने में आएगा बिल कंपनी अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की और से दो महीने में बिल का प्रावधान रखा गया है। अभी गैस सिलेंडर 14 किलो का दाम 873 रुपए है। वहीं पाइप लाइन से 14 किलो गैस का उपयोग करने पर 850 रुपए शुल्क ही देना होगा। घर-घर कनेक्शन के लिए कंपनी की ओर से 5 हजार रुपए प्रति कनेक्शन चार्ज लिया जा रहा है। यह राशि रिफंडेबल होगी। इसके अलावा 300 रुपए प्रति कनेक्शन नोन रिफंडेबल चार्ज लिया जा रहा है। यह शुल्क एसेसरिज का होगा। घरों में गैस पहुंचाने के लिए कांदा गांव के पास गेल इंडिया की ओर से टर्मिनल प्वाइंट बनाया गया है। सिलेंडर से राहत, पाइप से गैस | 8000 घरों में शुरुआत


