जालोर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों को बाहर करने के लिए गिव अप अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। तय समय तक स्वेच्छा से नाम नहीं हटाने वाले अपात्र लाभार्थियों पर वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक हजारों परिवार योजना से बाहर जिला रसद अधिकारी और जिला उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी आलोक झरवाल ने बताया कि जिले में अब तक 12,638 परिवारों के 56,871 सदस्यों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपने नाम हटवा लिए हैं। विभाग लगातार अपात्र लाभार्थियों से गिव अप करने की अपील कर रहा है। 28 फरवरी के बाद सख्त कार्रवाई आलोक झरवाल ने बताया कि 28 फरवरी 2026 के बाद विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें अपात्र लाभार्थियों से अब तक प्राप्त खाद्यान्न की बाजार दर से वसूली की जाएगी। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग अब तक 940 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी कर चुका है। कौन हैं योजना के लिए अपात्र राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम 2023 के अनुसार आयकर दाता परिवार, सरकारी और अर्द्ध सरकारी कर्मचारी वाले परिवार, एक लाख रुपए से अधिक सालाना पेंशन पाने वाले परिवार और चार पहिया वाहन स्वामी योजना के लिए अपात्र हैं। इसमें ट्रेक्टर और आजीविका के लिए उपयोग में लिए जाने वाले वाणिज्यिक वाहन को छूट दी गई है। कैसे हटवाएं योजना से नाम योजना से नाम हटवाने के लिए संबंधित व्यक्ति अपनी उचित मूल्य दुकान या जिला रसद अधिकारी कार्यालय में निर्धारित फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा विभाग की वेबसाइट rrcc.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।


