छत्तीसगढ़ में नारायणपुर जिले की कलेक्टर नम्रता जैन बाइक से करीब 110 किमी का सफर तय कर अबूझमाड़ इलाके के अंदरूनी गांवों में पहुंची। जहां उन्होंने स्कूली बच्चों और ग्रामीणों से मुलाकात कीं। पहली बार कलेक्टर को अपने बीच देख ग्रामीणों में भी उत्साह था। उन्होंने पानी से लेकर सड़क समेत अन्य मूलभूत समस्याओं का निराकरण करने की बात कही। दरअसल, पिछले महीने राज्य सरकार ने बस्तर की बेटी नम्रता जैन को नारायणपुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी थी। जिले का बड़ा हिस्सा अबूझमाड़ क्षेत्र में आता है, जहां के कई गांव अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। हालांकि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद इलाके में नक्सलवाद की पकड़ कमजोर पड़ी है। ऐसे में प्रशासन अब तेजी से विकास पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है। बाइक से 110 किमी दूर गांवों तक पहुंचीं कलेक्टर नम्रता जैन हाल ही में जिला मुख्यालय से करीब 110 किलोमीटर दूर अबूझमाड़ के दुर्गम गांवों तक पहुंचीं। वे बाइक पर बैठकर जाटलूर, ढोंढरबेड़ा, कुरमेल सहित कई गांवों का दौरा करती नजर आईं। गांव पहुंचकर उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर राष्ट्रगान गाया, ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि सरकार की योजनाएं अब इन गांवों तक जरूर पहुंचेंगी। बच्चों को पढ़ाया दौरे के दौरान नम्रता जैन बच्चों के बीच जमीन पर बैठीं और उन्हें पढ़ाया भी। अफसरों को मौके पर ही निर्देश दिए कि इन इलाकों में स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि, अबूझमाड़ अब अबूझ नहीं रहेगा, यहां भी विकास पहुंचेगा। नक्सल प्रभावित इलाकों में इस तरह का प्रशासनिक एक्टिविज्म ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।


