भास्कर न्यूज | रामगढ़ भारत सरकार अमृत अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) 2.0 योजना के तहत हर घर तक पीने की पानी पहुंचाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इसके तहत रामगढ़ के लिए 500 करोड़ की वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इससे, रामगढ़ कैंटोनमेंट बोर्ड की शहरी एरिया और रामगढ़ नगर परिषद क्षेत्र के करीब तीन लाख आबादी को उनके घर में 24 घंटे पीने का पानी मिलेगा। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद राज्य सरकार की उपक्रम झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कंपनी (जूडको) ने काम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत पतरातू डैम से क्षेत्र में वाटर सप्लाई होगी। इस साल अक्टूबर में इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर सभी घरों को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगी। वहीं, गर्मी के दिनों में पीने की पानी की किल्लत दूर हो जाएगी। घरों के नल में 24 घंटे पानी की उपलब्धता होगी, और नल में स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। इससे जिनता पानी का इस्तेमाल होगा, उतना पैसा लग सकता है। क्योंकि, पानी के लिए प्री पैड पेमेंट की सुविधा मिल सकती है। पानी के लिए कितने पैसे लगेंगे। पानी शुल्क को नगर परिषद और कैंटोनमेंट बोर्ड तय करेगा। कैंटोनमेंट बोर्ड के वाटर इंचार्ज जेई मो फहीम ने बताया कि बोर्ड अंतर्गत शहरी क्षेत्र के लिए इस वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के लिए डिटेल रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है। आठ वार्डों में नए पाइप बिछेगा और सभी लोगों के घरों को पानी कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। रोज करीब 40 लाख लीटर वाटर सप्लाई होगी। इसके लिए 52 मिलियन लीटर डेली (एमएलडी) क्षमता की ट्रीटमेंट प्लांट होगी। इस प्रोजेक्ट के तहत चैनगढ़ा व बुजूर्ग जमीरा में 2 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पतरातू में वाटर स्टोरेज के लिए संप वेल व पंप हाउस का निर्माण कराया जाएगा। वहीं, एक करोड़ 10 लाख लीटर क्षमता वाली 11 पानी टंकी भी बनेगा। इस प्रोजेक्ट से 4 पुरानी पानी टंकी को भी जोड़ा जाएगा। नगर परिषद क्षेत्र में पानी टंकी बनाने और क्षेत्रों में वाटर पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। वहीं, शहर में भी पानी टंकी का निर्माण कार्य चल रहा है। पानी टंकी (जलमीनार) और संप और पंप हाउस बनाया जा रहा है।


