भास्कर न्यूज |टोंक राजस्थान का यह ऐतिहासिक शहर अब एक नई पहचान तलाश रहा है,स्वच्छता, सशक्तिकरण और सृजनात्मकता का जीवंत केंद्र। जहां कभी कचरा सिर्फ बोझ समझा जाता था, वहां आज महिलाएं उसे रोजगार और सुंदरता में तब्दील कर रही हैं। “हमारा हरियाला शह अभियान के माध्यम से टोंक की 200 से अधिक महिलाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि घर-घर स्वच्छता का संदेश पहुंचा कर एक नई क्रांति का आगाज भी कर रही हैं। इंदौर की स्वच्छता अभियान में उत्कृष्ठता से प्रेरित होकर शुगुप्ता खान एवं उनकी टीम ने ये कार्य 2020 से शुरू किया। महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवानिवृत्त महिला पर्यवेक्षक शगुफ्ता खान ने इंदौर की स्वच्छता क्रांति से प्रेरणा लेते हुए अपनी आंगनबाड़ी केंद्र की महिलाओं के साथ ये कार्य शुरु किया। जिसमें उनका साथ उनकी बहन निखत सहित कई महिलाओं ने उनका साथ दिया। उन्होंने “हमारा हरियाला शहर” अभियान की नींव रखी। शगुफ्ता खान बताती है कि बचपन में नानी से सीखी वह छोटी-सी बात आज उनके जीवन का मंत्र बन चुकी है “कचरा कोई बोझ नहीं, बल्कि अवसर है।


