ऊर्जा मंत्री-कांग्रेस ने प्रदेश को कर्ज में दबाया:कंक्रीट के जंगल खड़े कर दिए, ये विकास बेईमानी है, हमारी सरकार में बिजली के दाम कम होने का ट्रेंड चलेगा

‘जो हालात पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने किए, प्रदेश को कर्ज में दबाया है। हर विभागों में देखिए अकर्मण्यता, अव्यवस्थाओं के कारण प्रदेश को गड्ढे में डालने का काम किया है। सरकार बनते ही हमनें प्रयास किया कि कैसे इन विभागों को उबारा जाए। इसके लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे है।’ ये कहना है ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का। भास्कर ने सरकार का एक साल होने सहित अन्य मुद्दों को लेकर मंत्री हीरालाल नागर से बात की। सवाल- विपक्ष का आरोप है कि ये होर्डिंग पोस्टर की सरकार है। सरकार के पास कोई विजन ही नही है।
जवाब- इसको सकारात्मक नजरिए से देखने की जरूरत है। जो हालात पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने किए, प्रदेश को कर्ज में दबाया है। हर विभागों में देखिए अकर्मण्यता, अव्यवस्थाओं के कारण प्रदेश को गड्ढे में डालने का काम किया है। सरकार बनते ही हमनें प्रयास किया कि कैसे इन विभागों को उबारा जाए। इसके लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे है। आप देख रहे है कांग्रेस के समय कोयले के क्या हालात थे। समय पर कोयला नहीं आ रहा था। हमारे सयंत्र आधी क्षमता से चल रहे थे। हमारी डबल इंजन की सरकार है। मुख्यमंत्री जी ने दिल्ली जाकर बात की। उसी का परिणाम है हमें निरंतर कोयला मिल रहा है। पहले 55 से 65 प्रतिशत पर उत्पादन चल रहा था। हम उत्पादन को 88 प्रतिशत पर लेकर आए है। हमनें कोई नया सयंत्र नहीं लगाया। सयंत्र वहीं है। हमनें उनका रख रखा ठीक किया, व्यवस्थाएं ठीक की। मॉनिटरिंग की और मेंटिनेंस करके क्षमता को बढ़ाया है। ये सरकार की एफीसेंसी का उदाहरण है। किसी भी विभाग को कर्ज के नीचे डुबोकर विकास कर लें ये अच्छा नहीं है। हमें ऐसा विकास करना चाहिए जिससे निरंतर रख रखाव भी कर सकें, सस्टेनेबल भी हो।पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय के कामों के बकाया को लेकर ठेकेदार परेशान थे। उन सबको व्यवस्थित करने में लगे है। उनको ठीक करने में लग रहे है। इन्होंने बिना किसी बजट के इतनी सारी योजनाओं की स्वीकृतियां निकाल दी। हमने पुरानी सरकार के कामों को बंद नहीं किया। विपक्ष का झूठा आरोप है। सवाल- आपने कहा विकास नहीं दिख रहा है तो चश्मा लगाए, नहीं तो नंबर बदले की। विकास को देखने का खास चश्में है? जवाब- विकास इसको कह दें कि हमने कंक्रीट के जंगल खड़े कर दिए, जिसके रखरखाव की हमारे पास योजना नहीं है। इसको विकास कहना बेईमानी मानता हूं।हम विकास उसको कहेंगे, विकास के बाद उसके निरंतर रख रखाव की भी चिंता करें। पर्यटन की दृष्टि से वहां लोगों को कैसे लाया जाए? पिछली सरकार ने इसकी चिंता नहीं की। कांग्रेसी रिवर फ्रंट बनाकर विकास के बड़े बड़े दावें कर रहे है। लेकिन उन्होंने सोचा नहीं इसका रख रखाव कैसे करेंगे, फंड कहा से आएगा। कोटा यूआईटी की पूरी सम्पति बेचकर कोटा कंगाल कर दिया। ये अच्छी बात नहीं थी। हम इसको ठीक कर रहे है। हम व्यवस्या करेंगे कि पूर्ववर्ती सरकार के विकास कामों का रख रखाव ठीक से हो,व्यवस्थाएं ठीक हो। यहां पर्यटक आएं। पयर्टन को बढ़ावा देने के लिए हाड़ौती के टाइगर रिजर्व में बाघ लाए जा रहे है। सवाल-विपक्ष का आरोप है कि मंत्रियों- विधायको की सुनवाई नहीं हो रही, ब्यूरोकैट्स के हाथ में सत्ता की चाबी है। जवाब- विपक्ष को तो कुछ ना कुछ बोलना है उनका काम है अपनी भूमिका निभाना। हमारा काम है सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना। सीएम ने बजट के बाद ही सभी मंत्रियों,प्रभारी सचिवों को जिलों में भेजा। ओर जिलों में जाकर बजट की क्रियान्विती के बारें में निर्देश दिए। हम कई कार्यो व योजनाओं का शिलान्यास भी कर रहे है। हमारी सरकार का सिद्धांत व विजन है कि जिस काम की हम शुरुआत करेंगे,उसका शिलान्यास करेंगे, उसका लोकार्पण, फीता भी हम ही काटेंगे। सवाल-केबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा अपनी बात रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ रही है। सरकार में उनकी सुनवाई नहीं हो रही। जवाब- किरोड़ी लाल जी हमारे बड़े व वरिष्ठ नेता है। उनका बात कहने का अपना एक नजरिया है। ऒर प्रस्तुतिकरण है। जो भी वह कह रहे हैं, मै उनके बारे में टिप्पणी नहीं करूंगा। वो अपने स्वभाव के अनुसार चलते हैं। सवाल- विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस के विकास की योजनाओं की अनदेखी की,पक्षपात के अलावा कुछ नहीं किया। जवाब- जो भी कांग्रेस ने योजनाएं चलाई हमने उसको बंद नहीं किया। वो योजनाएं चला करके चले गए कि 100 यूनिट बिजली देंगे। हम उसे निरंतर चला रहे है। जो योजनाएं इन्होंने क्रियान्वित की थी उसको किसी को बंद नहीं कर रहे हैं। इन्होंने छलावा किया, काम चालू ही नहीं किया। जब काम चालू ही नहीं हुआ प्रारंभ भी नहीं किया ऐसे काम को आगे के देखना पड़ता है। हमारी वित्तीय स्थितियों,आर्थिक क्षमताएं हैं। आगे देखना पड़ता है। सवाल-पावर प्लांटों का जॉइंट वेंचर करने की जरूरत क्यों पड़ी?
जवाब- पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल में इस विभाग पर 1 लाख 39 हजार करोड़ का कर्ज छोड़ दिया। जबकि हमने 62 हजार करोड़ का कर्ज उदय योजना में चुकाया था। वापस 5 साल में इन्होंने 1 लाख 39 हजार करोड़ का कर्ज छोड़ दिया। इन्होंने 5 साल में एक भी उत्पादन का प्लांट नहीं लगाया। इन्होंने चिंता नहीं की। आगे जाकर हम बिजली कहां से देंगे। इसी का नतीजा था कि इस बार गर्मी के दिनों में लोगों को दिक्कतें महसूस हुई। हमने केंद्रीय उपक्रमों के साथ एमओयू किए हैं। उनकी आर्थिक रूप से क्षमताएं हैं। हम उनकी क्षमताओं का उपयोग करके राजस्थान को रोशन करना चाहते हैं। हम राजस्थान को ऐसे नहीं छोड़ सकते, जैसा पिछली कांग्रेस सरकार ने छोड़ा है। हम लोगों को फ्यूल चार्ज से मुक्त करना चाहते है।आने वाले समय में आप देखोगे की बिजली के दाम बढ़ने के बजाय दाम कम होने का ट्रेंड चलेगा। सवाल-निगम के कर्मचारी इंजीनियर लंबे समय से आंदोलन कर रहे है,सरकार उनकी शंकाओं को दूर क्यों नही कर पा रही।
जवाब- हम उनके साथ बैठेंगे बात करेंगे। वो सभी कर्मचारी अधिकारी विभाग के अंग है। वो कड़ी मेहनत करते है। उनको विश्वास में लेकर बात करेंगे। उनको कोई किसी तरह का भ्रम या संसय है तो उसको भी दूर करेंगे। उनके हितों की अनदेखी नहीं होगी। उनके हितों को सुरक्षित रखा जाएगा। हमनें अभी 4500 नए पद निकाले है। सवाल-आपने कहा था विकास से चुनाव नहीं जीता जाता? जवाब- देखिए एक सिक्के के दो पहलू होते हैं। वो पार्टी की बैठक थी ना कि पब्लिक मीटिंग। मैंने कहा था कि हम इतने विकास तो कर रहे है। आप विकास के बलबूते ये ना सोचें कि हम चुनाव जीत जाएंगे। ये गलतफहमी नहीं रहना चाहिए। विकास के साथ साथ लोगों से कनेक्टिवि जरूरी है, ताकि वो खुलकर अपने काम व समस्याओं के बारें में बता सकें।कार्यकर्ताओं को सीख दी थी कि विकास करें, विकास के साथ साथ जनता से निरंतर संवाद भी करें। जनता को हारी बीमारी,दुख, दर्द में लगना चाहिए कि कोई उनके साथ खड़ा है। ताकि जनता को मदद मिल सकें। मीडिया ने जैसे मेरे बयान को प्रचारित किया, ऐसा मेरा उद्देशय नही था। मेरे कहने का उद्देश्य था कि विकास के साथ साथ जनता से जुड़कर रहना जरूरी। सवाल- राइजिंग राजस्थान में जो एमओयू हुए है उनको धरातल पर कैसे उतारेंगे ? जवाब-राइजिंग राजस्थान में 35 लाख करोड़ के एमओयू हुए है। ये रिकॉर्ड बना है।हम साल 2025 में प्रगति का रिपोर्ट कार्ड को जनता के सामने रखेंगे। उसके लिए हमने एक एप भी बनाया है अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। जिन निवेशको ने यहां एमओयू किया है उसके साथ अधिकारी को जिम्मेदारी दी है। कमेटी बनाकर निरंतर निवेशकों को फॉलो किया जाएगा। उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उनको लगना चाहिए कि उनके यहां पूछ परख हो रही है। हर चीज का फॉलोअप होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी जो काम को हाथ में लेते हैं उसका पूरा करते है। ये एमओयू भी पूरे होंगे।

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