भास्कर न्यूज | हजारीबाग हजारीबाग का संत जेवियर स्कूल स्थापना के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इसको लेकर स्कूल में प्लेटिनम जुबली समारोह आयोजित करने की तैयारी चल रही है। आयोजन के समन्वयक फादर अमित टोप्पो एस.जे. और सोमा चौधरी को बनाया गया है। प्लेटिनम जुबली समारोह के उपलक्ष्य में 29 जनवरी को विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों और व पूर्व विद्यार्थियों की सहभागिता से साइक्लोथन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। संस्थान की नींव फरवरी 1951 में ऑस्ट्रेलियाई जेसइुट मिशनरी फादर जॉन मरू एसजे ने रखी। हिंदी का अध्ययन करने के बाद वे 1951 के अंत में हजारीबाग पहुंचने और नए संत जेवियर स्कूल की स्थापना की। प्राचार्य के रूप में कार्यभार संभाला। जनवरी 1952 में विद्यालय को औपचारिक रूप से आरंभ किया गया। प्रारंभ में विद्यालय डे बोर्डिंग और बोर्डिंग दोनों चला। 1978 में संत जेवियर ने बोर्डिंग स्कूल के रूप में कार्य करना बंद कर दिया। डे स्कूल के रूप में अपनी नई पहचान बनाई। 1982 में विद्यालय को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नई दिल्ली से संबद्धता प्राप्त हुई। 1984 में छात्रों का पहला सीबीएसई बैच माध्यमिक परीक्षा में सम्मिलित हुआ। 1995 में विद्यालय को को एजुकेशन बना दिया गया। इसी वर्ष उच्च माध्यमिक (प्लस टू) कक्षाओं की शुरुआत हुई और बालक वर्ग के साथ-साथ बालिका वर्ग की भी पढ़ाई होने लगी। आज संत जेवियर स्कूल, हजारीबाग अपनी स्थापना के दशकों बाद भी युवा ऊर्जा और नवाचार को प्राथमिकता देनेवाला शिक्षण संस्थान बन गया है।


