जालंधर स्थित डेरा बल्लां के संत निरंजन दास को पद्मश्री के लिए चुना गया है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार ने संत निरंजन दास महाराज को समाज सेवा, शिक्षा और सेहत के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की । दुनियाभर में फैले रविदासिया समुदाय के आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में उन्होंने वंचित वर्गों के उत्थान और मानवता की सेवा के लिए अनेक अस्पताल व शिक्षण संस्थान चलाए हैं, जिस कारण इस प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान की घोषणा से पंजाब और उनके अनुयायियों में खुशी का माहौल है। पद्मश्री की घोषणा के बाद BJP लीडरशिप ने संत निरंजन दास को बधाई दी। इनमें विजय सांपला, मनोरंजन कालिया, सुशील कुमार रिंकू और अन्य नेता शामिल रहे। 5 काम जिनके लिए संत निरंजन दास को पद्मश्री के लिए चुना गया मार्च या अप्रैल में राष्ट्रपति देंगी पद्मश्री पुरस्कार
पद्मश्री पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या (25 जनवरी) को की जाती है। ये सम्मान मार्च या अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देंगी। गृह मंत्रालय समारोह की की डेट की घोषणा मार्च के आसपास करेगा, जिसमें सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रपति द्वारा पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। संत के साथ बड़े समाज सुधारक हैं संत निरंजन दास
संत निरंजन दास महाराज को उनके द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए पद्मश्री के लिए चुना गया है। जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख के रूप में उन्होंने न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन दिया, बल्कि शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांतिकारी काम किए हैं, जिनमें संत सरवन दास चैरिटेबल हॉस्पिटल और स्कूलों के माध्यम से गरीबों को मुफ्त इलाज व उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा रविदासिया समुदाय को एकजुट करने, समाज में आपसी भाईचारा बढ़ाने और दलित व पिछड़े वर्गों के मानवाधिकारों व सम्मान के लिए वैश्विक स्तर पर अलख जगाने के उनके प्रयासों को केंद्र सरकार ने इस प्रतिष्ठित सम्मान के योग्य माना है।


