तारातरा मठ महंत और पोकरण विधायक प्रतापपुरी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी से पहले किसी समाज में जन्म लिया होगा। उसके बारे में क्यूं नहीं बोले। मानसिकता में क्या सब जानती है जनता। आपको राजनीति करनी है तो बहुत जगह पड़ी है। इस विषय को लेकर राजनीति करते हो या लोगों को बरगला अच्छी बात नहीं है। वहां गायों को कौन करता था हलाल और बेचता है। सभी हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट किसने किया। किस प्रकार करते थे कुकृत्य। फिर आपको उनको बीजेपी-कांग्रेस के चश्में से देखगें.. कैसी कांग्रेस और कैसी बीजेपी। गौ हत्यारा है वो किसी का नहीं है। कोई आ जाए और उसका आचरण ठीक नहीं किया है तो न तो पार्टी और न ही जनता स्वीकार करेगी। गौ हत्या से बड़ी कोई हत्या नहीं होती है। यदि गौ हत्यारें है तो उनको कोई नहीं छोड़ेगा। दरअसल, पोकरण विधायक और महंत प्रतापपुरी महाराज सोमवार देर शाम को पोकरण से बाड़मेर जसदेर धाम पहुंचे थे। वहां पर उन्होंने आए समर्थकों और भक्तों से मुलाकात की। वहां से देर शाम को जयपुर के लिए रवाना हो गए। पोकरण में गौ हत्यारों ने सबका धर्म भ्रष्ट कर दिया पोकरण विधायक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- यह लोग इतने निर्दयी है। जीव की हत्या करने से कभी भी पीछे नहीं हटते है। जीव को तड़पता-तड़पता के मारते है। इनके त्यौहारों पर जीवों को तड़पा-तड़पा के मारते है। इनका हाथ गौ माता के लिए सामान्य नहीं है। पिछले कई सालों से इनकी दुकानों के आगे भैस (पांडा) गौ माता को एक ना एक प्रतिदिन उठाकर ले आते थे। उनको काटकर जो मांस खाते है, चाहे हिंदू भी है उनको भी गौमांस खिलाया होगा। सबका धर्म भ्रष्ट कर दिया। हमारी कहावत है कि गौ रक्त के समान है। गौ मांस तक खिला दिया। मंगल पाडे जी ने इस पर क्रांति छेड़ी थी। यह कारतूस है इस पर गो मांस का अंश लगा हुआ है। इसलिए मैं नौकरी छोड़ सकता हूं। अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हो गए। हम सबको भ्रष्ट कर दिया। शर्म नहीं आई। गौमता से ऊपर तो हमारे देवी-देवताओं ने भी नहीं माना है। संतों ने भी कहा कि गाय से बड़े हम लोग भी नहीं है। ऐसे लोगों की पुष्ट, पीठ थपथपाएगें, प्रोत्साहित करते है तो वह भी महामाप है। ऐसे करने वाली भी पापी है और उनको बढ़ावा देने वाले भी महापाप कर रहे है। प्रतापपुरी बोले- हमारे यहां पर पर्यटकों को भी गौ मांस खिलाया विधायक ने कहा- पोकरण में पाप का घड़ा भर गया था तब फूट गया। यह बैल बड़ा मजबूत था, इनकी गाडी में आया नहीं। गाडी के पीछे बांधकर खींचा एक-डेढ़ किलोमीटर रगड़ कर ले गए है। हत्या करके होटल पर ले जाकर उसे बेचा है। इतना कुकृत्य किया है। वो कौन सहन करेगा। वहां के लोगों ने थोड़ा सहम रखा, पता नहीं क्या-क्या हो जाता। गौ के नाम पर सारा हिंदू समाज एक है। सीमांत इलाके में असामाजिक गतिविधियां कहां से कहां चलती होगी। हमारे यहां पर पर्यटक आते है उनको भी खिलाया होगा। रामदेवरा, तनोट, सम भी जाते है। जो हिंदू है वो भी मांस खाते है उनको भी गौ का मांस खिला दिया। उनका भी धर्म भ्रष्ट किया हुआ है। पहले यह एरिया शांत था। विधायक बोले- जैसा करोगे वैसा भरोगे, हम सब एक जुट होकर धर्म के लिए खड़े है विधायक ने कहा कि पहले इनकी पीढ़ियां है वो ज्यादा पुरानी नहीं है। हिंदुओं से मुसलमान बने किसी को पांच-सात पीढ़ी हुई है। अभी भी इनके घरों में राव (पीढियों का लेखा-जोखा रखने वाले) आते है। अब धीरे-धीरे उनका आना बंद किया है। जैसे कट्टरवाद आया है। मदरसे वाली शिक्षा और दूसरे प्रदेशों के लोग आए है तब से हमारे यहां पर सौहार्द बिगड़ा है। यह बिल्कुल कट्टरवाद पर आ गए है। दोष हमें देते है कि हम कटरवाद और अलगाववाद की बात करते है। शुरुआत उनकी तरफ से होती है वो हमारे धर्म ओर आस्था पर ठेस पहुंचाते है। हमने पहले नहीं पहुंचाई। चाहे जैसलमेर जिले के क्षत्रैल, बासनपीर, तरला हो चाहे पोकरण का हो। बीते 30 सालों से मैं देख रहा हूं कि इन्होंने यह कर्म बंद नहीं किए है। हमारी आस्था को ठेस पहुंचाई है। तब यह सब उत्तर मिलता है। उल्टा काम करोगे जैसा करोगे वैसा भरोगे। हम सब एक जुट होकर धर्म के लिए खड़े है। सरकार से उम्मीद है कि आने वाले समय में कठोर कानून लाएगी प्रतापपुरी ने कहा- गौ हत्यारों को बड़ी से बड़ी और कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। इस तरीके से तड़पा-तड़पा कर गौ हत्या करते है तो इससे बड़ा कोई प्रावधान नहीं है। मुझे आशा है कि इस विषय पर सरकार बड़ी गंभीरता से सोच रही है। आने वाले समय में कठोर कानून भी लाएंगी। महंत प्रतापपुरी ने कहा- मुल्ला, मौलवी बाहर से आए, मस्जिदें बनाने पर वहां के लोगों ने विरोध किया महंत प्रतापपुरी ने कहा- मुस्लिम अगर वापस घर वापसी करते है तो द्वार खुले है। पूरे देश में बहुत सारे आ रहे है। राजस्थान के काठा गांव अजमेर और पुष्कर के पास में है। उनमें अभी रीति-रिवाज अभी हिंदुओं के है। उनके नाम भी हिंदु है। परंतु उनकी मजबूरी थी कि मुस्लिम धर्म में गए है। आज भी वो आने के लिए तैयार है। वहां भी दबे पांव मुल्ला, मौलवी बाहर के जाने शुरू हो गए है। वहां भी मस्जिदें बनानी शुरू कर दी है। इसका भी विरोध हो रहा है। हमारे यहां पर मस्जिद की आवश्यकता नहीं है। हमारी जो परंपरा है। मंदिर में जाएंगे, फेरे भी लेते है। रिति-रिवाज हमारे हिंदू समाज के करेगे। ऐसे आप शेखावटी में चले जाइए शेखावटी में। वहां पर कायमखानी है। उनको भी ज्यादा समय नहीं हुआ है। फिर भी साथ में बैठते है। कहते है कि यह मेरे भाई है। यह भी तैयार बैठे है। उनमें अच्छे और सकारात्मक भाव में है। पोकरण MLA बोले- मुस्लिम आइए घर वापसी करिए, एमएलए ने कहा- पूरे राजस्थान में जगह-जगह अनुकूलता वातावरण बन गया है। हमारे यहां पर परंपरा है। आइए घर वापसी करिए। हम सब एक साथ बैठकर राष्ट्र के निर्माण में चिंतन दें। यह उग्रवाद अलगाववाद को क्यूं पनपा रहे हो। क्यूं कट्टरवाद को यहां पर खड़ा करें। जो हमारी परंपरा है उनका निर्वाहन करें। आने वाला युग अपना ही है। एक अरब 45 करोड़ व्यक्ति संगठित होकर राष्ट्र के लिए चिंतन करेगे, छोटी-मोटी बातों और उग्रवाद, कट्टरवाद को नहीं बढ़ाएंगे तो भारत बहुत आगे पहुचेगा। महंत बोले- कट्टरवाद की तरफ जाओगे फिर जैसा करोगे वैसा भरोगे विधायक प्रतापपुरी ने कहा- हमारे क्षेत्र में बहुत ही छोटी जातियां है जो मुस्लिम समाज में चली गई थी। वह आज भी आने को तैयार है। ढाढ़ी परिवार है जिसमें कईयों ने घर वापसी की है। जैसे ही राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा हुई। बाड़मेर में ढाढ़ियों परिवार ने घर वापसी की और राम मंदिर बनाया। यह सबकुछ संभव है। ऐसा कुछ भी नहीं है। कट्टरवाद को छोड़ों आपके लिए द्वार खुले पड़े है। कट्टरवाद की तरफ जाओगे तो जैसे को तैसा, जैसा करोगे वैसा भरोगे। राष्ट्र और धर्म की जड़ों से जुड़े रहोगें जहां आपके पुरखे थे वहां आपके मान-सम्मान में कोई कमी नहीं रहेगी।


