भीलवाड़ा में आएंगे 7 एयरक्राफ्ट, हमीरगढ़ में खुलेगा फ्लाइंग स्कूल:2 जिलों की सीमा पर बनेगी एकेडमी, 2 कोर्स से स्टूडेंट्स बन सकेंगे पायलट

राजस्थान में दूसरा फ्लाइंग स्कूल भीलवाड़ा के हमीरगढ़ में खुलेगा। राज्य सरकार ने सभी जरुरी स्वीकृतियां जारी कर दी है। जिसके बाद अगले एक साल के भीतर स्कूल में दो तरह के कोर्स की ट्रेनिंग शुरू होने की उम्मीद है। फ्लाइंग स्कूल की खास बात यह है कि इसे 2 जिलों की सीमा पर बनाया जाएगा। राजस्थान सरकार ने उड्डयन विभाग को कुल 185 बीघा जमीन 30 साल की लीज पर दी है। इनमें भीलवाड़ा में 96 बीघा और चित्तौड़गढ़ में 89 बीघा भूमि हवाई पट्टी में आती है। फ्लाइंग स्कूल को नागरिक उड्डयन विभाग विभाग ऑपरेट करेगा। हालांकि फिलहाल नागरिक उड्डयन महानिदेशक की मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में एविएशन विभाग को 2025 के लास्ट तक इसके शुरू होने की उम्मीद है। बता दें कि राजस्थान में पहला फ्लाइंग स्कूल किशनगढ़ में शुरू कर दिया गया है। जिसमें पायलट बनाने की ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है और बड़ी तादाद में स्टूडेंट्स ने भी कोर्सेज में दिलचस्पी दिखाई दी है। कैबिनेट बैठक के बाद की थी घोषणा
कैबिनेट की बैठक के बाद उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने फ्लाइंग स्कूल को लेकर घोषणा की थी। मंत्रिमंडल से नागरिक विमानन नीति-2024 को मंजूरी मिल चुकी है। इस नीति में विमानन प्रशिक्षण सुविधाओं, विमानन रखरखाव सेवाओं को बढ़ाने और एयरोस्पेस गतिविधियों को विकसित करने पर जोर दिया गया है। भीलवाड़ा समेत 3 स्थानों पर फ्लाइंग स्कूल
2 जुलाई 2024 को खेल एवं युवा मामले, स्किल व सैनिक कल्याण मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कैबिनेट मीटिंग की ब्रीफिंग में जानकारी दी थी। इसके तहत राज्य में भीलवाड़ा समेत 3 फ्लाइंग स्कूल खोले जाने की घोषणा की थी। स्कूल को हवाई पट्टी वाले स्थानों पर खोला जाएगा। इनमें एविएशन पॉलिसी में इस्तेमाल न होने वाली हवाई पट्टियों का इसमें इस्तेमाल किया जाएगा। यह है हवाई पट्टी की वर्तमान स्थिति
चित्तौड़गढ़ रोड स्थित हमीरगढ़ हवाई पट्टी भीलवाड़ा व चित्तौड़गढ़ दोनों जिलों में 185 बीघा भूमि में फैली हुई है। पट्टी की लंबाई 1530.80 मीटर है। जबकि इसकी चौड़ाई 30.50 मीटर है। हवाई पट्टी तक पहुंचने के लिए तीन मीटर की चौड़ाई में सड़क बनी है। भीलवाड़ा में 96 बीघा व चित्तौड़गढ़ में 89 बीघा भूमि हवाई पट्टी में आती है। हमीरगढ़ हवाई पट्टी का उद्घाटन 19 सितंबर 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर सीपी जोशी द्वारा किया गया था। इसके बाद से इस पट्टी पर कई बार वीवीआईपी मूवमेंट हुए है। इनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के अलावा कई मंत्री और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री समेत अनेक वीआईपी लोग शामिल है। दो कोर्स से होगी शुरुआत
भारतीय विमानन प्राधिकरण के तहत फ्लाइंग स्कूल में दो तरह के कोर्स का संचालन होगा। इसके तहत पीपीएल (प्राइवेट पायलट लाइसेंस) और सीपीएल (कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस) कोर्स का संचालन किया जाएगा। दोनों ही कोर्स के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष निर्धारित की गई है। अधिकतम आयु का निर्धारण मेडिकली रूप से फिटनेस को आधार बनाया गया है। सीपीएल कोर्स के लिए 12वीं क्लास में विज्ञान और गणित अनिवार्य है। वहीं पीपीएल कोर्स के लिए कोई भी आवेदन कर सकता है। 7 एयरक्राफ्ट से होगी शुरुआत
एविएशन विभाग के निदेशक नवनीत के अनुसार- भीलवाड़ा के हमीरगढ़ में फ्लाइंग स्कूल खुलेगा। इसके शुरू होने में समय लगेगा। इस साल के अंत तक इसमें कोर्स शुरू करने की संभावना है। यहां 7 एयरक्राफ्ट हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार- एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और एविएशन अकादमी की ओर से फ्लाइंग स्कूल का संचालन किया जाएगा। एमएलए और स्टूडेंट्स बोले- रोजगार के साथ सपने होंगे साकार
भीलवाड़ा एमएलए अशोक कोठारी ने कहा- फ्लाइंग स्कूल की स्थापना से भीलवाड़ा के एविएशन क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलेगी। साथ ही युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान होंगे। फ्लाइंग स्कूल की स्थापना से भविष्य में एयर कार्गो और वायुयान के लिए भी उम्मीद बढ़ेगी। इधर, फ्लाइंग स्कूल खुलने की जानकारी सामने आते ही स्टूडेंट्स में भी खुशी है। स्टूडेंट विशाल प्रजापत का कहना है कि फ्लाइंग स्कूल खुलने के बाद में भीलवाड़ा और आसपास के क्षेत्र के स्टूडेंट्स को काफी फायदा मिलेगा। पायलट बनने का सपना देखने वाले बच्चों को अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इसे काफी पैसा और समय, दोनों बचेंगे।

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