बूंदी जिले में भारी ओलावृष्टि के कारण हजारों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। हिंडोली, नैनवां, गोठड़ा, जरखोदा, करवर, गुड़ा देव जी, कोलाहडा, मानपुर और भवानीपुर जैसे क्षेत्रों में रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं, चना और सरसों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर 100 ग्राम तक के बड़े ओले गिरने से फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं। यह नुकसान ऐसे समय हुआ है जब फसलें कटाई के लिए तैयार थीं, जिससे किसानों को गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। किसान और जनप्रतिनिधि राज्य सरकार से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की मौसमी आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति जलवायु परिवर्तन से जुड़ी हो सकती है। इन घटनाओं का किसानों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। नैनवां उपखंड के विभिन्न गांवों में मंगलवार शाम करीब 6 बजे 15 से 20 मिनट तक ओलावृष्टि और तेज हवा के साथ बारिश हुई। करवर, माणी, काशीपुरा, देई, कोलाहेडा, गाडरिया, बंसौली, देवपुरा और खजूरी सहित कई गांव इससे प्रभावित हुए। ओलावृष्टि के कारण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।


