बिशनगढ़ में बसन्त पंचमी के पर्व पर रविवार की शाम को राष्ट्रीय स्वयंसेवकों के द्वारा पंथ संचलन का आयोजन किया गया। पंथ संचलन बिशनगढ़ के स्कूल मैदान से रवाना होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए निकला। संचलन से पहले सभी स्वंयसेवक संघ की गणवेश धारण कर नगर की मुख्य सड़क स्थित स्कूल मैदान में एकत्रित हुए। जहां प्रार्थना व भगवा ध्वज को प्रणाम के बाद कदम से कदम मिलाकर घोष की धुन पर चलते हुए पथ संचलन निकाला गया। पथ संचलन स्कूल मैदान से प्रारंभ होकर, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, जैन मन्दिर से मेन चौराहे पर घूमकर पोस्ट ऑफिस के आगे से आखरिया व नगर के मुख्य मार्गों से नेशनल हाईवे के पास होकर मुख्य सड़क स्थित रामदेवजी के मन्दिर से होते हुये पुनः स्कूल मैदान पहुंचा। इस दौरान पथ संचलन का नगर में जगह-जगह व्यापारियों, समाजसेवियों, माता बहिनों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया एवं नगर वासियों द्वारा रास्ते में जगह–जगह रंगोलियां भी बनाई गई। स्कूल मैदान में मुख्य वक्ता के रूप में संघ के विभाग सहकार्यवाह जगदीश सोनी ने स्वयं सेवकों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आज बसन्त पंचमी व हलाहल चतुर्थी भी है इस पावन संयोग के दिन बिशनगढ़ में पथ संचलन का आयोजन करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने आज के समय में हिन्दू समाज को जागृत व संगठित होने की जरूरत की जरूरत है। साथ ही बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने स्थापना के 100वें साल में प्रवेश में प्रवेश किया है, यह एक ऐतिहासिक पल है। 2025 में संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में विजयादशमी के दिन केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी


