बारां नगर परिषद की सभापति ज्योति पारस के खिलाफ दर्ज मामलों और जांच को लेकर दलित समाज ने कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भाजपा नेताओं के इशारे पर सभापति को पद से हटाने के लिए फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। कोतवाली थाने में दर्ज फर्जी पट्टा प्रकरण के बाद डीएलबी ने जिला कलेक्टर से ज्योति पारस पर लगे आरोपों की रिपोर्ट मांगी है। इस कार्रवाई से कांग्रेस और दलित समाज में आक्रोश है। यादव जाटव पंचायत समाज के अध्यक्ष हरिनारायण और महिला जिलाध्यक्ष बृजेश वर्मा ने कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ लोग राजनीतिक द्वेष के कारण सभापति के खिलाफ झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर विभिन्न प्रकरणों की जांच के नाम पर षड्यंत्र रचा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने डीएलबी द्वारा जिला प्रशासन के माध्यम से करवाई जा रही जांच के बजाय न्यायिक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि न्यायिक जांच से मामले में पारदर्शिता बनी रहेगी और फर्जी मुकदमों में सभापति को फंसाने की कोशिश नाकाम होगी। दलित समाज ने चेतावनी दी है कि वे इस तरह के षड्यंत्र को सफल नहीं होने देंगे।


