मैं जब दो साल पहले गौरीघाट दर्शन करने गया था,तब देखा कि तट की सीढ़ियों पर बस्तियों में रहने वाले बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें एक व्यक्ति खुले आसमान के नीचे पढ़ा रहा है। तब ही मन में आया कि इन बच्चों की शिक्षा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। यह बात गणतंत्र दिवस पर हाई कोर्ट चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कही। यह भी कहा कि हमारी न्याय व्यवस्था को भी ऐसे बच्चों के लिए कुछ करना चाहिए। एक माह पहले चीफ जस्टिस दोबारा गौरीघाट पहुंचे और बच्चों और उन्हें बिना किसी सरकारी मदद के पढ़ाने वाले टीचर पराग दीवान को गणतंत्र दिवस पर हाई कोर्ट आने का आमंत्रण दिया। घाट की पाठशाला में पढ़ने वाले होनहार 60 छात्र छात्राओं को चीफ जस्टिस सहित जस्टिस विवेक अग्रवाल सहित अन्य जस्टिस ने टेब प्रदान किए। यह ऐसे बच्चे हैं,जिनके माता पिता भरण पोषण के लिए रोजाना मजदूरी करते हैं,लेकिन बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं दे सकते।


