खुरई में सोमवार को दो धार्मिक आयोजनों ने नगर का माहौल भक्तिमय कर दिया। पठार स्थित परशुराम मंदिर में चल रहे श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर जगतगुरू शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जी ने विशेष पूजन किया। उन्होंने परशुराम भगवान की आरती के बाद यज्ञशाला पहुंचकर मंदिर के शिखर पर स्थापित होने वाले कलश का पूजन भी संपन्न किया। दोपहर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मड़ैया माफी मंदिर के महंत ने शिखर पर कलश की स्थापना की। जगतगुरू ने धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ अर्थात जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। उन्होंने सभी से धर्म कार्यों में निरंतर संलग्न रहने का आह्वान किया। बीजासेन मां को अर्पित की चुनरी इसी दिन मां बीजासेन मैया को समर्पित एक चुनरी यात्रा निकाली गई। करीब 500 मीटर लंबी चुनरी को श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में थामा। माता की प्रतिमा को रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। यात्रा का समापन अंबेडकर वार्ड स्थित माता के दरबार में हुआ। दोनों धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।


