भवन नियमितीकरण योजना को प्रभावी करने में हो रही देरी: चैंबर

नगर निगम/ परिषद् और नगर पंचायत से संबंधित समस्याओं पर सोमवार को चैंबर भवन में बैठक हुई। नगर विकास विभाग द्वारा प्रस्तावित भवन नियमितीकरण योजना को प्रभावी करने में होनेवाले विलंब पर सदस्यों ने चिंता जताई और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की। बाजार टांड़ स्थित दुकानों के किराया विवाद के समाधान में विलंब पर भी चिंता जताई गई और कहा गया कि निरंतर प्रयासों के बावजूद विभागीय उदासीनता से दुकानदार मानसिक रूप से परेशान हैं। रांची नगर निगम किराएदार संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बाजार टांड़ में आवंटित दुकानों में अतिरिक्त संरचना निर्माण के कारण किराया, ब्याज और उस पर फाइन की दर जुड़ते-जुड़ते काफी अधिक हो गई है, जिस कारण यह मामला जटिल हो चुका है। दुकानदारों की समस्या को वास्तविक बताते हुए चैंबर के आरएमसी उप समिति के चेयरमैन अमित शर्मा ने जल्द ही इस मामले में नगर प्रशासक से मिलकर कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। शहर के कई क्षेत्रों में ट्रैफिक लाईट की कमी, डिवाइडर पर पेंट और रिफ्लेक्टर नहीं होने के कारण नियमित रूप से हो रही सड़क दुर्घटना पर भी उन्होंने चिंता जताई। बैठक में अमित शर्मा, मुकेश अग्रवाल, शैलेष अग्रवाल, मनोज नरेडी, रांची नगर निगम किरायेदार संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश छापड़ियाया, शंकर झा व अन्य मौजूद थे। मल्टी लेवल पार्किंग की सुविधा विकसित करने की मांग शहर में मल्टी लेवल पार्किंग की आवश्यकता बताते हुए बकरी बाजार, मेन रोड टैक्सी स्टैंड, रतन टॉकीज समेत अन्य स्थानों पर मल्टी लेवल पार्किंग की सुविधा विकसित करने के लिए नगर निगम से कार्रवाई की मांग की। सर्वसम्मति से पुनः 15 दिन में समीक्षात्मक बैठक का निर्णय भी लिया गया। अपर बाजार में शौचालय सुविधा उपलब्ध कराए निगम शहर के मुख्य व्यवसायिक केंद्र अपर बाजार में शौचालय की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से होनेवाली कठिनाई पर चर्चा करते हुए कहा गया कि अन्य शहरों की भांति अपर बाजार में भी पे एंड यूज जैसी शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने की पहल निगम को करनी चाहिए। बरसात के समय शहर के विभिन्न क्षेत्रों में (विशेषकर बड़ा तालाब, सेवा सदन पथ के आसपास के क्षेत्रों में) होनेवाले जल-जमाव की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा गया कि नालियों की प्रॉपर सफाई नहीं की जाने और जल निकासी की सुविधा नहीं होने के कारण इस समस्या से नागरिकों को हर साल समस्या होती है। रांची मास्टर प्लान 2037 में संशोधन के लिए भू-मालिकों द्वारा समर्पित किए गए आवेदन पर कार्रवाई में हो रही देरी पर भी सदस्यों ने चिंता जताई। कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल ने कहा कि निगम के आमंत्रण पर काफी संख्या में शहरवासियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसकी जनसुनवाई कर निगम द्वारा नगर विकास विभाग को विचार के लिए भेज दिया गया है। पिछले ढाई वर्षों से विभागीय निर्णय नहीं होने के कारण भू-मालिक अपनी भूमि का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। सदस्यों ने विभागीय उदासीनता पर चिंता जताई और अतिशीघ्र इसपर विचार का आग्रह किया।

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