राजस्थान विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से ‘सिस्टमैटिक लिटरेचर रिव्यू एवं एआई संवर्धित शोध लेखन’ विषयक तीन दिवसीय कार्यशाला बुधवार को शुरू हुई। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षक विद्यार्थी और शोधार्थियों को सिस्टमैटिक लिटरेचर रिव्यू की वैज्ञानिक विधियों और शोध लेखन में एआई के इस्तेमाल की जानकारी देना है। राजस्थान विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर एसएस सोमरा स्वागत भाषण में शोध की सिस्टमैटिक समीक्षा और शोध में एआई आधारित टूल्स की प्रासंगिकता के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला का मुख्य व्याख्यान में अटलांटा (यूएसए) से आईं स्वतंत्र डेटा शोधकर्ता डॉ. भावना पांडे ने कहा कि शोध की गुणवत्ता सुधार के लिए अंतर्राष्ट्रीय पद्धतियों के गुण अपनाने और एआई टूल्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देना जरूरी है। कार्यशाला की अध्यक्ष राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कल्पना तनेजा ने शोध में नवाचार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एआई का जिम्मेदारी पूर्वक इस्तेमाल करना जरूरी बताया। राजस्थान विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की सहायक आचार्य डॉ. चित्रा चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


