सीकर के खाटूश्यामजी इलाके में रसगुल्ला के कारखाने की शिफ्टिंग के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। चौमूं निवासी शख्स ने पूरा सामान हड़प लिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीकर निवासी शशिभूषण ने खाटूश्यामजी पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि उन्होंने सांगरवा में रसगुल्ला और मावे की मिठाइयों का कारखाना लगा रखा था। जहां मोहन शर्मा निवासी चौमूं उनके कारखाने पर आया और शशिभूषण से कहने लगा कि यह काम वह अच्छी तरह से जानता है। यहां पर फैक्ट्री अच्छी तरह से नहीं चल रही है। मैं फैक्ट्री को खाटूश्यामजी में स्थापित करवा दूंगा। जहां पर फैक्ट्री अच्छी तरह से चल जाएगी। शशिभूषण ने भी इस बारे में विचार किया और मोहन से पूछा कि वहां फैक्ट्री चलेगी या नहीं। तो मोहन ने आश्वासन दिया कि मेरे पर विश्वास करो। शशिभूषण फैक्ट्री को खाटूश्यामजी में स्थापित करवाने के लिए सहमत हो गए। मोहन शर्मा ने शशिभूषण को खांडल फार्म हाउस हनुमानपुरा में जगह दिखाई। उस जगह को किराए पर लेकर शशिभूषण ने पुरानी जगह से फैक्ट्री को वहां शिफ्ट कर दिया। 2024 में वह पूरा फैक्ट्री का सामान वहां लेकर आ गए। शशिभूषण खुद सीकर रहते हैं। ऐसे में फैक्ट्री के शिफ्ट होने के दौरान वह 1-2 बार ही वहां जा सके। मोहन ने शशिभूषण को कहा कि अभी मलमास चल रहा है। इसलिए 15 जनवरी के बाद फैक्ट्री का काम शुरू हो जाएगा। 31 जनवरी को जब शशिभूषण फैक्ट्री की नई जगह पर गए तो उन्होंने देखा कि उनकी फैक्ट्री का सामान ही गायब है। जब उन्होंने मोहन को कॉल किया तो मोहन ने पहले तो कॉल नहीं उठाया। करीब तीन से चार घंटे बाद मोहन ने कॉल किया और कहा कि सारा सामान वह लेकर गया है और बचा हुआ भी लेकर चला जाएगा,तुम मेरा कुछ भी बिगाड़ नहीं सकोगे। अब मोहन फोन भी नहीं उठा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके अनुसंधान शुरू कर दिया है। मामले की जांच ASI श्रवण कुमार कर रहे हैं।


