टोंटो में दांत टूटा मिला मृत हाथी, फोरेंसिक जांच से पता चलेगा मौत का असली कारण

भास्कर न्यूज| चाईबासा जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में बुधवार को बाईहातु के मटकम बेड़ा टोला में एक दंतैल हाथी का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृत हाथी का एक दांत टूटा मिला है। ग्रामीणों के अनुसार आशंका जताई जा रही थी कि दो हाथियों के बीच लड़ाई में दंतैल हाथी की मौत हुई है। हालांकि हाथी के पोस्टमार्टम से ऐसे किसी संघर्ष के सबूत नहीं मिले हैं। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद चाईबासा वन प्रमंडल के डीएफओ आदित्य नारायण वन विभाग के कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया गया। हाथी के मौत का कारण पोस्टमार्टम में भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम के बाद मेडिकल टीम ने कई संैंपल कलेक्ट किया है। इन संैपल व मृत हाथी के अंगों के अवशेष को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। शुरुआत में विभाग को दो हाथियों की लड़ाई से एक की मौत की जानकारी सामने आई थी, लेकिन पोस्टमार्टम में ऐसा कोई कारण सामने नहीं आया। मृत हाथी के एक दांत गायब है। िकसी धारदार व भारी हथियार से दांत को तोड़ा गया है। इसकी खोजबीन के लिए आसपास के गांवों में अभियान चल रहा है। मई 2025 से 28 जनवरी 2026 तक में 7 हाथी चाईबासा रेंज में ही मृत मिले हैं। जबकि जिले में नौ हाथी मारे गये हैं। कभी करंट से तो कभी जहर देकर लेकिन मौत के कारण अब तक स्पषठ नहीं है। आंकड़ों को देखें तो सिर्फ सेरेगसिया घाटी इलाके में ही चार से पांच नर हाथी मारे जा चुके हैं। 2 मई 2025 को सेंरेगसिया के मुंडासाई में आठ साल का हाथी बच्चा मृत मिला। 6 जुलाई 2025 को सारंडा में आईईडी विस्फोट से एक हाथी मृत मिला। 10 जुलाई 2025 को सेंरेगसिया के पालीसाई में नर हाथी मृत मिला। 12 अक्तूबर को सारंडा में आईईडी विस्फोट से एक हथिनी,14 नवंबर 2025 को जगन्नाथपुर जुगीनंदा के स्कूलसाई में मादा हाथी मृत,25 नवंबर 2025 को टोंटो के कुदाहातु बाईटोला में नर हाथी मृत मिला। 7 दिसंबर 2025 को चाईबासा रेंज के पपरागाड़ा में मृत हाथी मिला। अब टोंटो सेंरेगसािया में ही एक और नर हाथी मृत मिला है। कई महीनों से हाथी के उत्पात से लोग त्रस्त हैं। ऐसे में संभव है कि हाथी को जहर भी दिया गया हो। हालांकि इस पर जांच चल रही है। टोंटो प्रखंड की सिरिंगसिया पंचायत अंतर्गत बाईहातु गांव के मटकम बेड़ा में सुबह पांच बजे हाथी को मृत पाया गया। मौके पर एक दांत टूटा मिला है। टूटा हिस्सा गायब है। हाथी की मौत अगर लड़ने की वजह से भी हुई होगी तो दांत कैसे टूटा और टूटा तो फिर ये दांत कहां गायब है। वन बिभाग के लिए पहेली बन गया है। आईएफएस प्रशांत बिभास्कर के अनुसार हाथी की उम्र 30-35 वर्ष होने का अनुमान है। हाथी की मौत लड़ने की वजह से होने की ज्यादा आशंका है। सैंपल जांच के बाद जहर देने के विषय पर भी जरूरी चीजों की पड़ताल की जा रही है। ^ मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन हाथी के मौत का कारण पोस्टमार्टम में भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। अब फोरेंसिक लैब में जांच के लिए मृत हाथी के अंगों के अवशेष को भेजा जायेगा, जिससे हाथी की मौत का कारण सामने आएगा। हाथी के दांत को कुल्हाड़ी जैसे किसी हथियार से काटे जाने या तोड़े जाने की संभावना लग रही है। आदित्य नारायण, डीएफओ, चाईबासा वन प्रमंडल।

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