ब्यावर| हुक्म संघ के नवम पट्टधर, युग निर्माता आचार्य रामेश एवं उपाध्याय प्रवर राजेश मुनिजी म.सा. के सान्निध्य में मुमुक्षु अनीष काठेड़ की जैन भागवती दीक्षा बुधवार को ब्यावर सहित हजारों श्रावक-श्राविकाओं की साक्षी में करेमि भंते! पाठ के साथ संपन्न हुई। दीक्षा बाद आचार्य ने नामकरण करते हुए बताया कि अब रामशीष मुनिजी म.सा. के नाम से जाने-पहचाने जाएंगे। भावुक पल वह आया जब आचार्य ने लोच करने के बाद मुमुक्षु अनीष का सिर अपनी गोदी में रखा और माथे पर हाथ फेरते रहे। इस दौरान पूरा पांडाल हर्ष-हर्ष करने लगा व नारों से गूंज उठा। राम गुरु विराट है, दीक्षाओं का ठाट है के जयकारे गूंजे। इससे पूर्व मंगलवार को दीक्षा प्रसंग सुबह 7.35 बजे समता भवन में हुआ। वरघोड़ा सुबह 8.15 बजे से स्वास्तिक भवन से समता भवन तक पहुंचा। प्रवचन बाद सुबह 9.15 बजे शुरू हुआ। अभिनंदन दोपहर एक बजे स्वास्तिक भवन में साधुमार्गी जैन संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारी द्वारा किया गया। इसके बाद ओघा बंधाई दोपहर 2 बजे हुई। इसी क्रम में बुधवार को प्रवचन व दीक्षा सुबह 9.15 बजे संपन्न हुई। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र गांधी, महेश नाहटा, उदासर संघ के राजेंद्र सेठिया, मनोज सेठिया, धनराज बोथरा सहित ब्यावर संघ से अध्यक्ष गौतम चंद चौधरी, महामंत्री धर्मी चंद ओस्तवाल, निहालचंद कोठारी, कैलाश खीचा, ओमप्रकाश खीचा, वीर पिता अशोक कोठारी, देवीलाल रांका, उत्तम चौधरी, वीर परिवार से शांतिलाल काठेड़, प्रकाश काठेड़, रिखबचंद सोनी, महेंद्र लोढ़ा, शांतिलाल लूणावत मौजूद थे।


